जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने वाले 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब डेढ़ साल से फरार चल रहा था। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 12 मार्च 2023 एवं 19 मार्च 2023 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में आरोपी राजेश कुमार रेवाड़ (निवासी रूखासर, थाना रतनगढ़, जिला चूरू) ने जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र नेहरू ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल की थी।
जांच में सामने आया कि संगठित नकल गिरोह के मुख्य आरोपी पावर कालेर ने मोबाइल फोन के जरिए ब्लूटूथ डिवाइस से प्रश्न पत्र के उत्तर आरोपी तक पहुंचाए थे। इस गिरोह ने कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लेकर इसी तरीके से नकल करवाई थी। मामले के खुलासे के बाद राज्य सरकार ने संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया था।
इसी आरोपी ने 14 मई 2023 को आयोजित राजस्व अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधिशासी अधिकारी (ईओ/आरओ) भर्ती परीक्षा में भी इसी तरीके से नकल की थी। इन मामलों में आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
एसओजी थाना जयपुर में दर्ज प्रकरण संख्या 09/2025 में जांच के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने 3 अप्रैल 2026 को आरोपी राजेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं आरोपी की पत्नी बीबिता रेवाड़ को भी 19 अक्टूबर 2024 को इसी प्रकार ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।




















