जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार में कैबिनेट कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने मंत्री पद सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने गुरूवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। किरोड़ी लाल ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री भजनलाल को भेज भी दिया है और कि पूर्वी राजस्थान की सीटों पर हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही सरकारी सुविधाएं छोड़ चुके थे।
गौरतलब है कि किरोड़ी मीणा सोशल मीडिया सहित कई मंचों पर इस्तीफा सौंपने को लेकर लगातार संकेत दे रहे थे। अब उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मंत्री पद से त्यागपत्र भेजा है। विधानसभा के बजट सत्र के चलते रणनीति के तहत इसे गोपनीय रख गया। अब हाईकमान के स्तर पर ही इस पर फैसला होगा। किरोड़ीलाल मीणा का इस्तीफा मंजूर हुआ तो पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है। जानकारी के अनुसार मीणा का सियासी ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो वह हमेशा आक्रामकता से मुद्दे उठाते रहे हैं।
लोकसभा चुनावों में बीजेपी की हार के मुद्दे पर वह सरकार से बाहर आते हैं तो सरकार के साथ बीजेपी के लिए भी असहज हालात पैदा होंगे।इसके अलावा आगे पांच विधानसभा सीटों के उपचुनावों और निकाय-पंचायत चुनावों में भी नरेटिव खराब हो सकता है। अब तक सरकार में रहकर कई मुद्दों पर शांत रहने वाले किरोड़ी को मुखर होने का मौका मिल जाएगा। किरोड़ी सरकार में नहीं रहे तो मुद्दे उठाने के लिए आजाद हो जाएंगे।
मीणा ने कहा वह दो दिन से दिल्ली में थे। उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री ने बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। मीणा ने कहा कि उनकी संगठन या मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने इस्तीफा देने का कहा था, इसलिए मुकर नहीं सकता।
ज्ञात रहे कि किरोड़ीलाल मीणा ने लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि उन्हें जिन सीटों की जिम्मेदारी मिली है अगर वो हारते हैं तो इस्तीफा दे देंगे। लोकसभा चुनावों के रिजल्ट से पहले रुझानों में बीजेपी को ग्यारह सीटें हारते देख ही मीणा ने दोपहर में ही सोशल मीडिया पोस्ट करके इस्तीफे के संकेत दे दिए थे। और उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई- रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए, लिखकर संकेत दिए कि वे अपनी घोषणा से पीछे नहीं हटेंगे।




















