कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा एवं राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने की कार्यकर्ताओं की सुनवाई

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Agriculture Minister Dr. Kirodi Lal Meena and Minister of State Ota Ram Dewasi listened to the grievances of the party workers.
Agriculture Minister Dr. Kirodi Lal Meena and Minister of State Ota Ram Dewasi listened to the grievances of the party workers.

जयपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित कार्यकर्ता सुनवाई कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा और राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना एवं महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी भी उपस्थित रहे।

मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि सरकार और संगठन ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान हेतु सप्ताह में तीन दिन पार्टी कार्यालय में दो मंत्री एवं दो पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यकर्ता सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं की सुनवाई सरकार में होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यकर्ताओं की समस्याएं दूर होंगी और उनके क्षेत्र की जन समस्याओं का समाधान होगा तो संगठन मजबूत होगा, और संगठन मजबूत होगा तो सरकार भी सुदृढ़ बनेगी।

कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जनता से जुड़े मुद्दों पर कार्यकर्ताओं के साथ द्वेषपूर्ण कार्रवाई की जाती थी। भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कराना और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दबाव में नाम हटाना उनकी कार्यशैली रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी कार्यकर्ता के साथ भेदभाव नहीं करती। कार्यकर्ता सुनवाई में आने वाले सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को समाधान के लिए भेजा जा रहा है।

राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई की जा रही है, वहीं मंत्रियों के निवास पर जनसुनवाई पूर्व की भांति निरंतर सुचारू है। प्रदेश के आमजन कभी भी मंत्रियों के निवास पर जनसुनवाई में आ सकते है। प्रदेश कार्यालय में आने वाले कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा है। भाजपा में कार्यकर्ता सर्वोपरि है और भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है।

यूरिया उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री डॉ मीणा ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि टोकन आधारित वितरण प्रणाली लागू की गई है, जिससे लोग एक साथ पहुंच रहे हैं, लेकिन उपलब्धता पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि 11 लाख 33 हजार मीट्रिक टन की तुलना में प्रदेश को 11 लाख 35 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुआ है, इसलिए किसी तरह की कमी का सवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस बार खेतों में नमी अधिक होने के कारण गेहूं, जौ, चना और सरसों की बुवाई एक साथ हो गई, जिससे मांग अचानक बढ़ गई। इसके अलावा नकली यूरिया पर बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी कर माल जब्त किया गया है। केंद्र सरकार के सिस्टम से गांव स्तर तक की जानकारी प्रतिदिन अपडेट हो रही है, जिससे वितरण व्यवस्था और अधिक सुचारु हो रही है।

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