जयपुर में फार्म से फॉर्च्यून तक अखिल भारतीय महासम्मेलन का आयोजन

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जयपुर। सांगानेर स्थित वैदिक वन औषधीय पादप केंद्र, श्री पिंजरापोल गौशाला में 14–15 मार्च 2026 को आयोजित फार्म से फॉर्च्यून तक अखिल भारतीय महासम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों, उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और युवाओं को खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलने के आधुनिक मॉडल से परिचित कराना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में पूज्य प्रकाश दास महाराज रहे उपस्थित हुए। विशिष्ट अतिथि विपिन कुमार पांडे, अतिरिक्त महानिदेशक राजस्थान पुलिस ने भी अपनी उपस्थित दर्ज कराई । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राकेश की दावत, चेयरमैन स्टार हॉस्पिटल, जयपुर ने की।

सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अतुल गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय संयोजक – अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-आधारित जैविक खेती, औषधीय पौधों की व्यावसायिक खेती और मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर किसानों की आय कई गुना बढ़ाई जा सकती है। इस अवसर पर मोनिका गुप्ता, सचिव – हाह्नेमन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती, औषधीय पौधों और ग्रामीण उद्योगों को जोड़कर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम में महावीर मीणा (सेवानिवृत्त आयुक्त, जीएसटी – राजस्थान) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसान स्टार्टअप मॉडल, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को अपनाएं तो कृषि को उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है।

दो दिवसीय सम्मेलन में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, गौ-आधारित कृषि, औषधीय पौधों की खेती, ग्रामीण स्टार्टअप, रूरल इंडस्ट्रीज, निवेश और विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि इन मॉडलों को संगठित रूप से लागू किया जाए तो पूरे भारत में किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मेडिसिनल एवं हर्बल प्लांट्स की खेती, बायबैक एग्रीमेंट, थर्ड पार्टी मैन्युफैक्चरिंग, प्राइवेट लेबलिंग, निर्यात व्यवसाय और मार्केटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। सम्मेलन में राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।

इस अवसर पर योगेश गुप्ता (राजस्थान), सूर्यकांति कोरपे (महाराष्ट्र), रूपा बत्रा (हरियाणा), मंदार नितुरकर (महाराष्ट्र), आशीष वर्धा (महाराष्ट्र), वीरेंद्र कुमार गहलोत (राजस्थान), रविंद्र त्रिवेदी (महाराष्ट्र), अमलोक सिंह (हरियाणा), कृतेश पांडेय (उत्तर प्रदेश), अनूप दीक्षित (उत्तर प्रदेश), रोहताश (हरियाणा), शशांक अग्रहरी (उत्तर प्रदेश), अनुभव सिंह (उत्तर प्रदेश), अमित कुमार (उत्तर प्रदेश), राजेंद्र नवलखा जैन (राजस्थान), पवन गहलोत (उत्तर प्रदेश), परमार राजेश (गुजरात), सत्य प्रकाश त्रिपाठी (राजस्थान), सुभाष चंद बंसल (उत्तराखंड), पटेल कौशिक कुमार (गुजरात), महेंद्र मेघवंशी (गुजरात), साकेत कुमार सिंह (बिहार), मनोज कुमार बिधार (ओडिशा), अंशु शर्मा (उत्तर प्रदेश), सत्यवान (हरियाणा), झाला कुलदीप सिंह (गुजरात), मुनेश कुमार त्यागी (उत्तर प्रदेश), संदीप घुगरे (महाराष्ट्र), कुमार सौरभ (झारखंड), राकेश कुमार गुप्ता (उत्तर प्रदेश), आदेश राठी (महाराष्ट्र), नितेश अचारा (राजस्थान), प्रशांत बजाज (हरियाणा), मोहित साहू (मध्य प्रदेश), गुमाना राम चौधरी (नागौर), पूजा गोदारा (राजस्थान), घनश्याम सिंह (राजस्थान), स्मितराज बरार (राजस्थान) एवं अशोक कुमार उपाध्याय (राजस्थान) सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम कृषि को उद्योग से जोड़ने, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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