कानोता कैंप में प्रकृति—पक्षी एवं पर्यावरण संरक्षण पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम

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जयपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर के अंतर्गत आईआईएस जयपुर (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) की एनएसएस इकाइयों द्वारा ग्रीन पीपल सोसाइटी (जयपुर चैप्टर) के सहयोग से कानोता झील के समीप स्थित कानोता कैंप रिसॉर्ट में एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए एक प्रकृति एवं पर्यावरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों के लिए तीन ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र ‘पक्षियों की अद्भुत दुनिया’ विषय पर आधारित रहा। जिसमें प्रसिद्ध प्रकृतिविद् मनोज कुलश्रेष्ठ ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके आवास, जीवन चक्र एवं प्रवासन (आव्रजन) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

दूसरे सत्र में निर्देशित प्रकृति भ्रमण आयोजित किया गया, जिसमें गोविंद सिंह (एडीबी सलाहकार), डॉ. स्मिता शेखावत एवं तान्या गुप्ता (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने विद्यार्थियों को कानोता क्षेत्र की वनस्पतियों, पक्षी आवासों एवं स्थानीय जैव-विविधता से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया। इस मैदानी भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रकृति को नज़दीक से समझा और उसके संरक्षण के महत्व को जाना।

तीसरे एवं अंतिम सत्र में थार मरुस्थल पर आधारित हाल ही में निर्मित चर्चित दस्तावेज़ी फिल्म ‘इट्स नॉट ए वेस्टलैंड’ (यह बंजर भूमि नहीं है) का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म के निर्देशक दिनकर सामोरे ने मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र, जीवन की विविधता एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर सारगर्भित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

सभी सत्र अत्यंत संवादात्मक रहे। एनएसएस समन्वयक डॉ. शरद राठौड़ के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने पर्यावरण, जैव-विविधता एवं संरक्षण से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बताते हुए इसे एक उत्कृष्ट सीखने का अनुभव बताया।

कार्यक्रम के समापन पर बताया गया कि इस अनुभव से विद्यार्थियों में पर्यावरणीय समस्याओं के प्रति समझ विकसित हुई है तथा वे एक स्वस्थ और हरित पृथ्वी के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हुए हैं। इस पूरे आयोजन का मार्गदर्शन एवं समन्वय ग्रीन पीपल सोसाइटी के उपाध्यक्ष, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री विक्रम सिंह द्वारा किया गया।

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