एएनटीएफ के हत्थे चढ़ा 25 हजार का इनामी अंतरराज्यीय नशा तस्कर

0
38

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 वर्षों से फरार 25 हजार रुपए के इनामी अंतरराज्यीय नशा तस्कर भोपाल सिंह (50) निवासी मनासा जिला नीमच (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में नशे का संगठित नेटवर्क चला रहा था।

मुखबिर से सूचना मिलने के बाद एएनटीएफ ने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए खरीदार बनकर आरोपी से संपर्क साधा। बड़ी खेप का लालच देकर भोपाल सिंह को गांव से बाहर एक खेत पर मिलने बुलाया गया और जैसे ही आरोपी खेत पर पहुंचा। पहले से घात लगाए एएनटीएफ के जवानों ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गांव के भीतर पहले की गई कार्रवाई में असफलता को देखते हुए इस बार टीम ने पूरी सतर्कता के साथ रणनीति बनाई।

एटीएस व एएनटीएफ आईजी पुलिस विकास कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि माता की बीमारी, खेती में नुकसान और पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी के खर्चों ने उसे भारी कर्ज में डाल दिया। खेती से कर्ज न चुका पाने पर उसने नशा तस्करी का रास्ता अपनाया। हालांकि कुछ समय में कर्ज उतर गया, लेकिन उस पर एनडीपीएस एक्ट के करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हो गए। फरारी और मुकदमों में काली कमाई खर्च होती गई और वह फिर कंगाली की हालत में पहुंच गया।

आईजी पुलिस विकास कुमार ने बताया कि दूसरी शादी के बाद पत्नी को सोने के गहनों से सजाने की सनक में भोपाल सिंह ने दोबारा नशे के कारोबार को हवा दी। उसने मेवाड़ और मारवाड़ के दूर-दराज इलाकों तक नशे का जाल फैला दिया। एक और उसकी पत्नी नए-नए गहनों से संवरती रही, वहीं दूसरी ओर नशे की लत में फंसे परिवारों की महिलाओं के गहने उतरते चले गए।

भोपाल सिंह के पिता के नाम अफीम की खेती का सरकारी पट्टा था, जिसकी उपज सरकार को देनी होती थी, लेकिन भोपाल चोरी-छिपे अफीम उत्पादों की कालाबाजारी करने लगा। मुकदमों के बाद सरकार ने पट्टा निरस्त कर दिया। इसके बाद उसने क्षेत्र के काश्तकारों से 400–500 रुपए किलो में डोडा-चूरा खरीद कर 2000–2500 रुपए किलो में बेचना शुरू किया।

नशे की आपूर्ति के साथ-साथ भोपाल सिंह मध्यप्रदेश से राजस्थान तक डोडा-चूरा भरी गाड़ियों को सुरक्षित एस्कॉर्ट कराने का ठेका भी लेने लगा। इससे उसका मुनाफा दोगुना हो गया और नशे का नेटवर्क पंजाब और गुजरात तक फैल गया। एएनटीएफ अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और संपत्ति के संबंध में गहन जांच कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here