ठगी के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने से गुस्साए चार महिलाओं सहित 22 लोग चढ़े पानी की टंकी पर

जयपुर। सोड़ाला थाना इलाके में स्थित सुदर्शनपुरा में करोड़ो की ठगी के 22 पीड़ित लोग पानी की टंकी पर चढ गए । जिसमें चार महिलाए सहित 18 पुरूष शामिल है। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हे नीचे उतारने का प्रयास किया। लेकिन खबर लिखे जाने तक पीड़ित पानी की टंकी पर डटे रहे। पीड़ित दांतारामगढ़ निवासी बद्री नारायण ने बताया कि नेक्साग्रीन कंपनी में निवेश आरोपियों ने गुजरात की धोलेरा सिटी में निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोपियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगाकर उन्हे एक प्रोजेक्ट धोलेरा सिटी में चलने की कहानी बताई और उसमें निवेश करने का झांसा देकर नेक्सा एवरग्रीन कंपनी बनाकर देशभर के करीब 70 हजार लोगों से 2700 करोड़ की धोखाधड़ी कर फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि ये कंपनी तीन साल पहले ही बाजार में आई थी। शातिर ठगों ने पीड़ितों से 2 लाख रुपए प्रति व्यक्ति से निवेश के नाम से लिए थे। शुरूआत में कंपनी ने ब्याज के नाम पर कुछ लोगों को रिटर्न भी दिया था। लेकिन जनवरी 2023 में कंपनी निवेश के रुपए लेकर फरार हो गई। पीड़ितों ने बताया कि ठगी के आरोपियों के खिलाफ देशभर में कई मुकदमें दर्ज है। पीड़ितों का आरोप है कि सुभाष ,रणवीर ,उपेंद्र ,गोपाल दूधवाला के खिलाफ कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज है लेकिन पुलिस उन्हे पकड़ नहीं रही है। बताया जा रहा है की अधिकांश आरोपी सीकर जिले के लक्ष्मगढ़ के रहने वाले है। कई मामले दर्ज होने के बाद भी पुलिस उन्हे पकड़ने का आश्वासन ही दे रहीं है। इस मामले में पीड़ित कई पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर चुके है। काफी परेशान होकर उन्हे पानी की टंकी पर चढ़ना पड़ा।

एडिशनल डीसीपी साउथ पारस जैन ने बताया कि धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को बता समझाने का प्रयास किया उन्होने कहा की पीड़ितों की शिकायत की जांच की जा रही है। कुछ लोगों को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। कुछ की तलाश जारी है। लेकिन इस तरह से पानी की टंकी पर चढ़ने से वो कानून अपने हाथ में ले रहे है ओर खुद की जान को जोखिम में डाल रहे है।

सरकारी कर्मचारी सहित कई पुलिसकर्मियों को भी बनाया निशाना

नेक्साा एवरग्रीन कंपनी के मालिक सीकर के पनलावा निवासी सुभाष बिजारणियां और रणवीर बिजारणियां ने गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इन्वेस्टमेंट करने का झांसा देते हुए लोगों को बड़े- बड़े सपने दिखाए और इसमें चक्रव्यूह में अधिकांश पुलिसकर्मी ,सरकारी कर्मचारी ,सेना के जवानों से लेकर कई लोगों को फंसाया। महज 10 महीने में 70 हजार से ज्यादा लोगों को शातिर ठगों ने अपना शिकार बनाया और 2700 करोड़ की ठगी कर फरार हो गए। शातिर ठगों ने 35 से ज्यादा शहरों में अपने दफ्तर खोले।

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