विभिन्न संस्थानों के आक्रोशित कार्मिकों एवं अधिकारियों ने जयपुर में दिया प्रदेश स्तरीय विशाल धरना

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जयपुर। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान के बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों आदि में ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) समाप्त करने की नीयत से जारी 9 अक्टूबर 2025 के निर्दयी आदेश से आक्रोशित इन संस्थानों के सेवारत एवं सेवानिवृत कार्मिकों एवं अधिकारियों ने मंगलवार को जयपुर के शहीद स्मारक परिसर में प्रदेश स्तरीय विशाल धरना दिया।

इन संस्थानों के कार्मिकों एवं अधिकारियों के संगठनों के ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित इस धरने में रोडवेज, बिजली कंपनियों, जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट, पर्यटन विकास निगम, वित्त निगम, भंडार व्यवस्था निगम, कृषि विपणन बोर्ड, राजस्थान विश्वविद्यालय आदि संस्थानों के चार हजार से ज्यादा धरने में शामिल कार्मिकों एवं अधिकारियों से शहीद स्मारक परिसर भरा हुआ था। हाथों में मांगों की तख्तियां लिये हुये धरनार्थी मांगों के समर्थन एवं सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे।

इससे पहले इन संस्थानों के कार्मिकों एवं अधिकारियों द्वारा 11 नवम्बर 2025 को प्रदेशभर में अपनी पोशाक पर कार्य समय के दौरान काली पट्टी धारण करके ओपीएस समाप्ति के खतरे के खिलाफ व्यापक विरोध प्रकट किया जा चुका है।
ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच की मांग है कि;- राज्य सरकार 9 अक्टूबर 2025 के कार्मिक विरोधी आदेश को वापस ले, सभी संस्थान ओपीएस को जारी रखने की घोषणा करें एवं जिस किसी संस्थान में ओपीएस लागू नहीं है, वहां इसे लागू किया जाये।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्रगतिशील सोच के साथ 20 अप्रैल 2023 के आदेश से इन संस्थानों ओपीएस लागू की थी, जिसे वर्तमान बीजेपी सरकार ने प्रतिगामी सोच के अधीन समाप्त करने की नीयत से 9 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी किया है।

सेवानिवृति के उपरान्त कार्मिकों द्वारा बिना किसी दूसरे पर निर्भर रहे सम्मानजनक जीवन यापन के लिये ओपीएस के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं हो सकता। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाईज यूनियन (एटक) के प्रदेशाध्यक्ष एम.एल. यादव एवं प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फैडरेशन (इंटक) के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग लाल मीणा ने धरने की अध्यक्षता की और कहा कि विभिन्न संस्थानों के कार्मिकों एवं अधिकारियों के 15 संगठनों के 15 प्रतिनिधियों द्वारा धरने को सम्बोधित करने के अलावा केंद्रीय कर्मचारी पेंशन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डी. के. छांगाणी, अखिल राजस्थान संयुक्त राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष महावीर शर्मा, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल रावत एवं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के प्रदेशाध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत ने धरने को सम्बोधित करते हुये राज्य सरकार द्वारा उक्त संस्थानों में ओपीएस समाप्त करने की नीयत से जारी आदेश की कड़ी आलोचना करने के साथ इन संस्थानों के कार्मिकों एवं अधिकारियों के आंदोलन का समर्थन किया। धरने का संचालन राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाईज यूनियन (एटक) के महा सचिव धर्मवीर चौधरी ने किया।

24 नवम्बर 2025 को उक्त संस्थानों के कार्मिकों एवं अधिकारियों के सभी संगठनों द्वारा एक साथ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री (वित्त) दीया कुमारी एवं अन्य संबधित अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किये जायेंगे। इसके बाद ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच की बैठक आयोजित करके आगे की रणनीति तय की जायेगी।

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