राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में लिया आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

0
43

जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) जयपुर के अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य स्वर्ण जयंती समारोह में आयुर्वेद का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुचाने का संकल्प लिया गया। एनआईए की ओर से स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयुर्वेद को अधिक मजबूत करने वाली कई नवाचारों का शुभारम्भ किया गया।इनमें औषधीय पौधों के संरक्षण एवं अनुसंधान हेतु धन्वंतरि उपवन, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक, एडवांस्ड सिमुलेशन लैब,पॉडकास्ट स्टूडियो तथा नवीन ओपीडी भवन ‘सुश्रुत भवन’ शामिल हैं, जिससे मरीजों की सुविधाओं और चिकित्सकीय प्रशिक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

संस्थान की स्वर्ण जयंती के मुख्य कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री राजस्थान प्रेमचंद बैरवा, हवामहल विधायक बालमुकंदाचार्य, आयुष सचिव,भारत सरकार वैद्य राजेश कोटेचा, एनसीआईएसएम चैयरमैन मनीषा कोटेकर,राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफसर संजीव शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच एक सजीव सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों की यह यात्रा केवल समय की उपलब्धि नहीं, बल्कि सेवा, अनुसंधान और जनस्वास्थ्य के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा आमजन के बेहतर स्वास्थ्य के लिये किये जा रहे कार्यो की सराहना की और कहा कि संस्थान के विस्तार के लिये भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आयुर्वेद की परंपरा, औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक ज्ञान से समृद्ध राज्य रहा है। राज्य सरकार आयुष पद्धतियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने एनआईए को देश के प्रमुख आयुर्वेद शिक्षण, अनुसंधान और चिकित्सा संस्थानों में से एक बताते हुए संस्थान के भविष्य विस्तार हेतु राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्षों की यात्रा आयुर्वेदाचार्यों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष पद्धतियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली में सशक्त रूप से स्थापित किया गया है।

जाधव ने बजट में घोषित तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों तथा जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के उन्नयन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक समग्र स्वास्थ्य केंद्र बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने एनआईए को ‘हील इन इंडिया’ विजन का अहम स्तंभ बताया।

उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि एनआईए का स्वर्ण जयंती समारोह राजस्थान और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि 1976 में एक आयुर्वेद कॉलेज से शुरू होकर आज यह संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। राज्य सरकार एनआईए को विश्वस्तरीय आयुर्वेद केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हवामहल विधायक बालमुकंदाचार्य ने संस्थान द्वारा किये जा आमजन के लिये स्वास्थ्य कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आयुर्वेद को जन—जन तक पहुचाने के लिये प्रयास किये जा रहे है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफसर संजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री महोदय से राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के विस्तार हेतु जयपुर में भूमि उपलब्ध करवाने का आग्रह राजस्थान सरकार से करने के लिये माननीय आयुष राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रतापराव जाधव का आभार जताया। कुलपति ने समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी का भी संस्थान के विस्तार के लिये भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये भी आभार जताया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here