जयपुर। सुबह सूर्योदय के बाद एकादशी तिथि लगने के साथ ही देव उठनी ग्यारस पर शनिवार से ही मांगलिक आयोजन प्रारंभ हो गए। चार माह बाद राजधानी में विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत, नामकरण एवं नए प्रतिष्ठानों के उद्घाटन जैसे कार्यों की धूूम रही। शाम को विवाह स्थलों पर शहनाई की धुन सुनाई दी। देवउठनी एकादशी पर बड़ी संख्या में विवाह हुए। शाम को बैंड बाजा बारात की धूम रही। बारातों के कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। वहीं, दो स्थानों पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलनों में 36 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधकर नवजीवन का शुभारंभ किया।
श्री नामदेव छीपा समाज सेवा समिति, सांगानेर के तत्वावधान में आयोजित समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन मिथिलाशरण सत्संग भवन, सांगानेर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर 21 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। समाज के गणमान्य लोगों ने नव दंपत्ति को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
पांचाल महासभा राजस्थान प्रदेश की ओर से मां श्री त्रिपुरा सुंदरी मंदिर धाम, जटवाड़ा में निशुल्क आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ, जिसमें 15 जोड़े एक दूसरे के साथ जीवन यात्रा में बंधे।
महासभा के पदाधिकारी एम.सी. पांचाल ने बताया कि आयोजन सादगी पूर्वक किया गया। दोनों आयोजनों में नवविवाहित जोड़ों को समाजजनों एवं अतिथियों ने आशीर्वाद दिया और सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।




















