जयपुर। नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जयपुर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय के घेराव का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और जोर-आजमाइश होती रही।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही पीसीसी मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त कर दिए थे। संसार चंद रोड स्थित लोहा मंडी तिराहे पर बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था। दोपहर करीब 12 बजे भाजयुमो कार्यकर्ता शहीद स्मारक पर एकत्र हुए और वहां से प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े।
जैसे ही कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के नजदीक पहुंचे, वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकते हुए पकड़ लिया। करीब आधे घंटे तक मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही और पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होती रही। बाद में चेतावनी देते हुए कार्यकर्ता वहां से लौट गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस उपायुक्त (उत्तर) करण शर्मा सहित कई थानों का जाप्ता और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

दरअसल शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट के दौरान युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इंडो-यूएस ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसी घटना के विरोध में भाजयुमो ने जयपुर में कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। इससे पहले शुक्रवार शाम को भी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की थी।
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एआई समिट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए मेहमानों के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का व्यवहार देश की छवि खराब करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और सरकार का विरोध करते-करते कांग्रेस अब देश का विरोध करने लगी है।
गोरा ने चेतावनी दी कि यदि देश के गौरव को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया तो भाजयुमो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय तक नहीं पहुंच सके और कुछ देर के प्रदर्शन के बाद वापस लौट गए।




















