जयपुर। ब्लूवन इंक प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 के तीसरे दिन प्रकाशन जगत, साहित्य और रचनात्मकता से जुड़े विचारों का समृद्ध संगम देखने को मिला। क्षेत्रीय भाषाओं को केंद्र में रखने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस दिन का विशेष फोकस मराठी प्रकाशन जगत पर रहा। लेखकों, प्रकाशकों, साहित्यिक एजेंटों और उद्योग विशेषज्ञों ने पुस्तकों की बदलती दुनिया, तकनीक और बाजार पर विचार साझा किए।
दिन की शुरुआत लाइव लाइन्स: इंडिया–यू.के. पब्लिशिंग फेलोज़ कनेक्ट सत्र से हुई, जिसमें स्वतंत्र प्रकाशन, अनुवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई। ऑप्टिमिज़्म इन द टाइम्स ऑफ़ चेंज सत्र में हार्परकॉलीन्स इंडिया के सीईओ अनंत पद्मनाभन और श्रेया पुंज ने भारतीय प्रकाशन के भविष्य, तकनीक और एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला।
नॉर्दर्न लाइट्स: चिल्ड्रेंस लिटरेचर फ्रॉम नार्वे सत्र में सरकारी सहयोग से बाल साहित्य को मजबूती देने के मॉडल पर चर्चा हुई। वहीं पॉपुलर प्रकाशन की 100 वर्षीय विरासत पर हुए सत्र में इसके ऐतिहासिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया गया।
ऑथर्स एंड एजेंट्स सत्र में लेखकों और प्रकाशकों के बीच संतुलन पर विचार हुआ, जबकि मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर हुए सत्र में भाषा, परंपरा और भविष्य के प्रकाशन रुझानों पर गहन संवाद हुआ। दिन का समापन मार्केटिंग राउंड टेबल के साथ हुआ, जिसमें पुस्तक विपणन, वितरण और एआई के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की गई।




















