जयपुर। वैश्विक पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन पर कार्य करते हुए गौमाया फाउंडर डॉ. सीताराम गुप्ता ने कोरोना काल में एक पुस्तक लिखी, जिसे विश्व की प्रथम पुस्तक बनने का दर्जा हासिल हुआ। अमेजॉन बेस्ट सेलर के अवार्ड से भी नवाजी गई इस पुस्तक की खासियत ये है कि यह देसी गौ माता के गोबर से बने हुए कागज पर छपने वाली दुनिया की पहली पुस्तक है।
पिछले दिनों इसे लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूएसए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, दुबई बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, फॉब्र्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स सहित 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
डॉ. सीताराम गुप्ता ने बताया कि देसी गौ माता के गोबर से बने हुए कागज पर छपने वाली पुस्तक का वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होना न केवल भारतीय गौ माता का सबसे बड़ा सम्मान है। अपितु गौ माता को वैश्विक सम्मान दिलाया है।




















