स्मार्ट पुलिसिंग व आज की आमजन की आवश्यकता पर मंथन

0
168
Brainstorming on smart policing and the needs of the common man today
Brainstorming on smart policing and the needs of the common man today

जयपुर । राजस्थान में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में रेंज स्तर के अधिकारियों, रेंज प्रभारियों एवम पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई यह बैठक देर शाम तक चली, जिसमें प्रदेश के सभी रेंज, जिलों और कमिश्नरेट के समस्त पुलिस कार्यों, गतिविधियों व कमियों का गहनता से आंकलन किया गया।

अपराध समीक्षा

बैठक के शुरुआत में अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर रेंज के साथ-साथ जयपुर और जोधपुर कमिश्नरेट की प्रगति रिपोर्ट तथा पुलिस कार्यकलापों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी ने अपने क्षेत्र में दर्ज मामलों, लंबित जांचों की स्थिति और अपराध नियंत्रण के लिए अपनाई गई नई रणनीतियों का ब्यौरा डीजीपी को सौंपा।

डीजीपी शर्मा ने कहा कि हमारी प्राथमिकता सिर्फ अपराधों को कम करने पर ही नहीं बल्कि केस निस्तारण की गुणवत्ता और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार और उनकी समस्याओं के निस्तारण पर भी होनी चाहिए।

भविष्य की पुलिसिंग

दोपहर पश्चात बैठक में आधुनिक पुलिसिंग मानक प्रक्रियाओं और तकनीकी समावेशन पर विस्तार से चर्चा हुई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध दिनेश एमएन ने स्मार्ट पुलिसिंग के प्रभाव पर बात की और बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग दोषमुक्ति के फैसलों के विश्लेषण के लिए किया जाएगा ताकि अनुसंधान में रह जाने वाली कमियों का पता लगाया जा सके और इन कमियां को दूर करके अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ट्रैफिक लता मनोज ने राज्य की यातायात व्यवस्था एवम उनके सुधार पर प्रस्तुति दी तथा ट्रैफिक नियमों की पालना करवाने पर जोर दिया जिससे दुर्घटनाओं व दुर्घटनाओं से मृत्यु में कमी आ सके। तत्पश्चात जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने लेन ड्राइविंग अनुशासन लागू करवाने के प्रयासों को साझा किया।

समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम ब्रांच ने बढ़ते डिजिटल खतरों से निपटने की रणनीति, न्यू क्रिमिनल लॉ के क्रियान्वयन और राष्ट्रीय डेटा प्रणालियों के साथ पुलिसिंग को जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। इनपर प्रस्तुतिकरण आईजी एससीआरबी अजय लांबा, आईजी सतर्कता प्रफुल्ल कुमार व डीआईजी साइबर अपराध श्री विकास शर्मा द्वारा दी गई।

बैठक के अंतिम चरण में पुलिस मुख्यालय के सभी महानिदेशक पुलिस और अतिरिक्त महानिदेशक ने चर्चा कर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ और सुझाव दिए। डीजीपी शर्मा ने अपने समापन उद्बोधन में सभी रेंज प्रमुखों को लंबित मामलों को तत्परता से निपटाने, नवीन कानूनों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और नवीनतम तकनीक का अधिकतम उपयोग कर आमजन-केंद्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here