जयपुर। बिन्दायका थाना पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो मुख्य महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है । यह गिरोह भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता था और शादी के कुछ ही समय बाद दुल्हन घर में रखे जेवर व नकदी समेट कर फरार हो जाती थी । पुलिस इस मामले में बिचौलिए दलाल को पहले ही जेल भेज चुकी है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि बिन्दायका थाना पुलिस ने लुटेरी दुल्हन गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वंदना उर्फ कोमल (20) और आरती उर्फ लक्ष्मी (45) गिरफ्तार किया गया है। दोनो ही आरोपित महिलाएं प्रहलादपुर नई दिल्ली की रहने वाली है।
वहीं पूर्व में विक्रम दास (38) निवासी जोधपुर (दलाल ) को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं । दलाल के जरिए शिकार फंसाया जाता था और शादी के बाद दुल्हन मौका पाकर कीमती सामान लेकर भाग जाती थी । ठगी गई राशि को गिरोह के सदस्य सन्नी, प्रवीण और विक्रम आपस में बांट लेते थे।
थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि परिवादी अखिलेश शर्मा ने मामला दर्ज कराया था कि आरोपी विक्रम वैष्णव और उसके साथियों ने शादी करवाने के नाम पर उससे 2,10,000 रुपये लिए थे । साजिश के तहत 30 जून 2025 को दिल्ली के एक मंदिर में अखिलेश की शादी आरोपी महिला से करवाई गई । लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद दुल्हन घर से गहने और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता व सहायक पुलिस आयुक्त हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई । टीम ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों में दबिश दी ।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के प्रहलादपुर इलाके से मुख्य आरोपी महिला वंदना उर्फ कोमल और उसकी मुंह बोली मां आरती उर्फ लक्ष्मी को दबोच लिया । इस कार्रवाई में थानाधिकारी विनोद कुमार, एएसआई बाबूलाल, महिला कांस्टेबल रिंकू कुमारी और कांस्टेबल बहादुर सिंह व श्री राम की विशेष भूमिका रही।




















