भारतीय मानक ब्यूरो ने ब्लिंकिट वेयरहाउस पर की छापेमारी

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Bureau of Indian Standards raids Blinkit warehouse
Bureau of Indian Standards raids Blinkit warehouse

जयपुर। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), राजस्थान की टीम ने ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म-ब्लिंकिट के जयपुर में 22 गोदाम स्थित वेयरहाउस पर भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के उल्लंघन के लिए बुधवार को तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में वे उत्पाद जब्त किए गए। जिन्हें बिना मानक मुहर (आईएसआई मार्क एवं रजिस्ट्रेशन मार्क) विक्रय के लिए संग्रहित किया गया था। यह कार्रवाई निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस राजस्थान कनिका कालिया के निर्देश पर बीआईएस के अधिकारियों एवं अन्य सहायक कर्मचारियों द्वारा की गई।

जिनमें रमन कुमार त्रिवेदी (संयुक्त निदेशक), पूनम चौधरी (संयुक्त निदेशक) शामिल थे। कार्रवाई के दौरान 197 से अधिक श्रेणियों के कुल 265 निम्नलिखित उत्पाद जब्त किए गए जिनमें से अधिकतम रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल किए जाने वाले उपभोक्ता उत्पाद हैं- जैसे एल्युमीनियम एवं स्टील के बर्तन, स्टील की बोतलें, इंसुलेटेड फ्लास्क, इलेक्ट्रिक केतली, बेबी डायपर, चप्पल, इलेक्ट्रिक जूसर मिक्सर ग्राइंडर, मालिश करने के इलेक्ट्रिक उपकरण, कीटनाशक (मच्छर मारने हेतु) उपकरण, इलेक्ट्रिक कॉफी मेकर, त्वचा और बालों की देखभाल के उपकरण (हेयर स्ट्रेटनर, हेयर ड्रायर इत्यादि), एयर फ्रायर, घरेलू उपयोग के लिए, हैंड ब्लेंडर, वैक्यूम क्लीनर, कीबोर्ड, इत्यादि।एमआरपी के आधार पर जब्त किए गए उत्पादों का अनुमानित मूल्य सात लाख रुपए आँका गया है।

ये उत्पाद भारत सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न गुणता नियंत्रण आदेशों एवं सूचना प्रौद्योगिकी वस्तुएं (अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकताएं) आदेश, 2021 के तहत अनिवार्य प्रमाणन पध्दती के अंतर्गत आते हैं।

भारतीय मानक ब्यूरो के वैध प्रमाणन लाइसेंस के बिना इन उत्पादों का निर्माण, विक्रय, संग्रहण, आयात इत्यादि भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 29 के अंतर्गत एक दंडनीय एवं संज्ञेय अपराध है जिसकी सज़ा प्रथम उल्लंघन पर न्यूनतम 2 लाख रुपए एवं द्वितीय या उसके बाद के उल्लंघनों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपए जुर्माना (जो कि उल्लंघित वस्तुओं के मूल्य के दस गुणा तक हो सकता है) या अधिकतम दो वर्ष की कारावास या दोनों है। तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई के पश्चात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के अंतर्गत विधिक प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

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