जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आवास पर 6 से 8 मार्च 2026 को जैसलमेर में आयोजित होने जा रहे त्रिदिवसीय दादागुरु इकतीसा पाठ एवं चादर महोत्सव के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्थान की पावन भूमि संत परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक एकात्मता की धरोहर रही है तथा यह आयोजन सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 8 लाख सामूहिक दादागुरु इकतीसा पाठ के संकल्प को युगांतकारी आध्यात्मिक पहल बताते हुए समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
चादर महोत्सव का मुख्य आकर्षण दादागुरु इकतीसा पाठ
6–8 मार्च 2026 को गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरी जी की पावन निश्रा में आयोजित होने जा रहे त्रिदिवसीय चादर महोत्सव का मुख्य आकर्षण 7 मार्च 2026 को विश्वभर में एक साथ 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक “दादागुरु इकतीसा पाठ” का ऐतिहासिक महासंकल्प रहेगा। निर्धारित समय पर देश–विदेश में श्रद्धालु एक साथ पाठ करेंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
इस विराट महोत्सव के प्रेरणास्रोत पूज्य आचार्य श्री जिनमनोज्ञ सागर जी हैं । चादर महोत्सव समिति के चेयरमैन महाराष्टृ सरकार के मंत्री मंगल प्रभात जी लोढ़ा एवं सयोजक जीतो के पूर्व चेयरमैन तेजराज जी गोलेछा है | पोस्टर विमोचन अवसर पर ज्योति कुमार कोठारी, राष्ट्रीय संयोजक, दर्शन कोठारी ट्रस्टी खरतर गच्छ संघ एवं संयुक्त सचिव राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स, शांतिलाल गोलेछा अध्यक्ष तेरापंथी सभा, रणजीत हीरावत सहमंत्री तेरापंथी सभा और राजेश सिंघवी मंत्री JITO राजस्थान मौजूद रहे।
यह महाअभियान समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकात्मता और सामाजिक समरसता का वैश्विक संदेश प्रसारित करेगा। इसमें सनातन, हिंदू और जैन धर्म का समभाव देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, विद्या भारती तथा अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में सहभागी रहेंगे।
महोत्सव का शुभारंभ एवं संत-समागम
इस त्रिदिवसीय महोत्सव का शुभारंभ पूज्य सरसंघचालक मोहनराव भागवत द्वारा किया जाएगा। 6 मार्च को सरसंघचालक मोहनराव भागवत का मुख्य संबोधन भी जैसलमेर में होगा। आयोजन में विभिन्न भारतीय परंपराओं के लगभग 400 संतों की उपस्थिति तथा 15–20 हजार श्रद्धालुओं के सहभाग की संभावना व्यक्त की गई है। जैसलमेर के आयोजन स्थल मेला ग्राउंड स्टेडियम में संतो का आगमन प्रारंभ हो गया है।
राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी
7–8 मार्च 2026 को “भारत की सांस्कृतिक एकात्मता, सामाजिक सद्भाव एवं समरसता में दादागुरु परंपरा का योगदान” विषय पर राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें जोधपुर विश्वविद्यालय, राजस्थान विश्वविद्यालय, प्राकृत भारती संस्थान तथा समाज एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभाग करेंगे।




















