मुख्यमंत्री दखल दे कोचिंग संचालकों को डर के माहौल से बाहर निकालें

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Chief Minister should intervene and take coaching operators out of this atmosphere of fear
Chief Minister should intervene and take coaching operators out of this atmosphere of fear

जयपुर। ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने जयपुर में कोचिंग संचालकों को दिए जा रहे नोटिस को एवं की जा रही कार्रवाई को अवैध बताते हुए चेतावनी दी है कि नगर निगम पहले अपने मुख्यालय स्थित बेसमेंट में चल रहे मलेरिया डिपार्टमेंट तथा आधार कार्ड के कार्य को रोके एवं अपनी एनओसी को दुरुस्त करें ।

उसके बाद समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को नियम का पाठ पढ़ाये, कोचिंग जगत में देश की सबसे अच्छी व्यवस्था देने वाले जयपुर शहर को बदनाम करने की साजिश का आरोप महासंघ के पदाधिकारियों ने नगर निगम तथा पुलिस प्रशासन पर लगाते हुए इस मामले में तुरंत प्रभाव से मुख्यमंत्री भदन लाल शर्मा से दखल देने की मांग की है। महासंघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन अवैध तरीके से की जा रही सीज की कार्रवाई को जल्द नहीं रोकती है तो आमरण अनशन किया जाएगा।

ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के बैनर तले जयपुर शहर के कोचिंग संचालकों ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस के एवं बिना समय दिए तथा नोटिस में भी अग्रिम आदेश के रूप में संवैधानिक शब्दों का उपयोग करते हुए कोचिंग संचालकों को डराया धमकाया जा रहा है। जिसका असर जयपुर में उच्च प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों पर पड़ रहा है एवं प्रदेश भर के अभिभावक इस कार्रवाई से भयंकर रूप से मानसिक पीड़ा से संतृष्त हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोचिंग संचालकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलकर मदद की गुहार लगाने की योजना बनाई हैं।

ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा राष्ट्रीय महासचिव सिराज खान प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार तथा प्रदेश महासचिव अजय अग्रवाल ने संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से नगर निगम पुलिस विभाग जयपुर विकास प्राधिकरण तथा अन्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे हैं। सीज एवं नोटिस देने की कार्रवाई को तुरंत प्रभाव से रोकने की अपील करते हुए कोचिंग हब में महंगी दर को प्रायोगिक रूप से रियायती दर करने की मांग की हैं।

कोचिंग महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में जहां पर बेसमेंट में पानी भरने से छात्रों की मौत हुई है उसके आसपास के लाइब्रेरी तथा कोचिंग संस्थानों में जो कि, बेसमेंट में चल रही थी। वहां पर भी पानी भरा है । लेकिन वहां पर मौत नहीं हुई क्योंकि, वहां डिजिटल लॉकिंग सिस्टम नहीं था।यह मौत डिजिटल लॉकिंग सिस्टम के फेल होने से हुई थी जिसका खामियाजा देश भर के कोचिंग संचालकों को विशेष कर जयपुर के कोचिंग संचालकों को अधिक उठाना पड़ रहा है जबकि जयपुर में कोचिंग व्यवस्था देश की सबसे अच्छी कोचिंग व्यवस्था में से एक मानी जाती है। यहां कभी भी छात्र अवसाद में आत्महत्या नहीं करता है और वही हॉस्टलों तथा लाइब्रेरी में एवं कोचिंग संस्थानों में बेहतर सुविधा दी जा रही है।

अनीष कुमार ने आमरण अनशन की चेतावनी देते हुए बताया कि सरकार की इस कार्रवाई से एक ओर जहां कोचिंग संचालकों में भय का वातावरण है। वहां सीज कर दी गई कोचिंग्स के छात्र भयानक मानसिक अवसाद से गुजर रहे हैं। अगर किसी छात्र के साथ मानसिक अवसाद में कुछ बुरा हो गया तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने इस समस्या का समाधान कोचिंग हब को बताते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कोचिंग माफियाओं तथा पेपर लीक माफिया के साथ मिलकर कोचिंग हब को फेल कर दिया अब इस सरकार में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है और आशा करते हैं कि, भजनलाल सरकार शीघ्र ही कोचिंग हब को सफल करने के लिए नए सिरे से कोचिंग हब की रियायती दर तय कर देश के प्रथम कोचिंग हब को सफल करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस दिशा में प्रयास किया जा रहे हैं कि, कोचिंग हब की वर्तमान महंगी दर को कम कर 25 प्रतिशत पर लाया जा सके एवं यहां लीज तथा किराए पर लेने की भी व्यवस्था अमल में लाई जा सके। कोचिंग महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने जयपुर के सभी कोचिंग संचालकों की आपात मीटिंग की घोषणा की है। उसके पश्चात सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में जाकर सीज की गई कोचिंग्स को खुलवाने एवं नोटिस को रद्द करने तथा कोचिंग हब में रियायती दर स्थापित करने की मांग की जाएगी।

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