जयपुर। पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम जयपुर हेरिटेज अब शहर में एक अभिनव और शिक्षाप्रद पहल करने जा रहा है। निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल की विशेष पहल पर “वेस्ट टू वंडर पार्क” विकसित किया जाएगा, जो राजस्थान के संरक्षित पक्षियों और वन्यजीवों को समर्पित होगा।
यह पार्क पूर्णतः औद्योगिक कबाड़, धातु अपशिष्ट और ई-वेस्ट से निर्मित मूर्तियों से सुसज्जित होगा। इनमें ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण), ब्लैकबक, तेंदुआ, डेमोइसेल क्रेन जैसे राज्य के संरक्षित जीवों की जीवंत आकृतियाँ बनाई जाएंगी। पार्क का उद्देश्य “कचरे से कृति ” की अवधारणा को साकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण और पुनर्चक्रण का संदेश देना है।
निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने कहा वेस्ट टू वंडर पार्क जयपुर शहर में पर्यावरणीय जागरूकता का प्रतीक बनेगा। इस पार्क के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया जाएगा कि यदि सोच रचनात्मक हो, तो कचरा भी सुंदर कला का रूप ले सकता है। यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास के लक्ष्यों के अनुरूप है।
इस पार्क में सौर ऊर्जा आधारित लाइटिंग, वर्षा जल संचयन प्रणाली, तथा बच्चों के लिए पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता गतिविधियां भी सम्मिलित की जाएंगी। यह पार्क न केवल मनोरंजन का केंद्र होगा, बल्कि शैक्षणिक और प्रेरणादायक स्थल के रूप में भी शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
निगम द्वारा परियोजना को जल्द शुरू करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई है, जिसमें आयुक्त डॉ. पटेल ने अधिकारियों को प्रारंभिक डिजाइन, स्थल चयन और निर्माण प्रक्रिया को शीघ्र गति देने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम जयपुर हेरिटेज का यह कदम स्वच्छता, पुनर्चक्रण और हरित शहर निर्माण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है।




















