जयपुर। बाबाजी कुई बलराम आश्रम सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्री हनुमत कथा का विश्राम और गुरुदेव की 115 वीं जन्म जयंती उत्सव भक्तिमय माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कई संतों— रामदयाल दास , अलबेली माधुरी शरण , चेतराम शरण , नवल किशोर दास आदि—का दिव्य आगमन हुआ। प्रातः श्री विजय राघव भगवान का अभिषेक, हरिनाम संकीर्तन व संत-वचन हुए।
कथा व्यास आशीष व्यास जी ने गुरु महिमा व हनुमान लीला का वर्णन करते हुए कहा—“बिना भक्तों के भगवान के काम नहीं बनते, गुरु कृपा ही मोक्ष का मार्ग है।” गुरुदेव की झांकी, महाआरती, संत-सम्मान व विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन का संचालन रामनारायण नाटाणी व ट्रस्ट सदस्यों द्वारा किया गया।




















