
जयपुर। आचार्य महाप्रभु स्वामी श्याम चरण दास जी महाराज के 323 वें जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में मंगलवार को सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की प्रधान पीठ श्री सरस निकुंज में शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में पद गायन हुआ। इससे पूर्व ठाकुर जी का सिंजारा पर्व मनाया गया। ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार के हाथों पर मेहंदी लगाई गई।
सांयकालीन वेला में श्री वैष्णव भक्तजनों ने आचार्य महाप्रभु स्वामी श्याम चरण दास महाराज की जयंती की बधाइयां गाईं। श्री शुक मुनि मंगल करन…बंदो सरस बारंबार.., समरथ गुरु श्री राधे श्याम…, श्री वृंदावन गहो आसरो…, सखी री सब मिल आओ गावो…, सखी री आज कुंज गृह बधाई…, सखी डहरे बजत बधाई… डहरे नगर में देखो कैसी बहार…, बधाई बाजे माई कुंजो रानी ललना जायो…, आज श्याम मुरली धर में…, मुरली धर द्वारे आज बाजत बधाइयां…जैसे पदों पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से नृत्य किया।
श्री सरस निकुंज के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि 19 अगस्त से मनाए जा रहे जयंती महोत्सव में 31 अगस्त तक बधाई गीत का क्रम चलेगा। इसी कड़ी में 19 अगस्त से 25 अगस्त तक सी स्कीम में सरदार पटेल मार्ग स्थित बृज विला में श्री भक्तमाल कथा प्रवचन का आयोजन किया गया। व्यासपीठ से भक्तमाली इंद्रेश जी महाराज कथा प्रवचन किए। अंतिम दिन बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री भी भक्तमाल कथा में पहुंचे।