जयपुर। मनरेगा कानून में हाल ही में किए गए संशोधन को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की योजना के अनुसार 7 से 15 फरवरी के बीच सड़कों पर उतर कर विधानसभा और लोक भवन का घेराव कर सकती है। इस आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 8 जनवरी से प्रदेश स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रभारी शामिल होंगे और साथ ही इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 10 जनवरी को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सरकार के फैसले के खिलाफ जनता को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद 11 जनवरी को प्रत्येक जिले में अंबेडकर या महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ता उपवास रखकर विरोध दर्ज कराएंगे।
पंचायत स्तर तक आंदोलन
कांग्रेस ने आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है। इसके तहत 12 से 29 जनवरी तक हर पंचायत में चौपाल लगाकर मनरेगा संशोधन के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को हो रहे नुकसान को सामने लाया जाएगा।
वार्ड और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम
इसके अलावा 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से सभी ग्राम प्रधानों को आंदोलन में सहयोग के लिए पत्र भी भेजे जाएंगे। वहीं 31 जनवरी से 6 फरवरी तक कलेक्टर कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, लेकिन यदि सरकार ने मनरेगा संशोधन पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




















