जयपुर। नेटफ्लिक्स पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडित का टीजर जारी होते ही विवादों के घेरे में आ गया है । सर्व ब्राह्मण महासभा ने फिल्म के शीर्षक को जातिवादी मानसिकता का परिचायक बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है । महासभा का कहना है कि यह केवल एक फिल्म का नाम नहीं,बल्कि एक विशिष्ट समुदाय की सामाजिक गरिमा पर सीधा प्रहार है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर किसी जाति या समाज को अपमानित करना असंवैधानिक है । फिल्म के नाम में एक समुदाय विशेष को अपराध और भ्रष्टाचार जैसे नकारात्मक भावों से जोड़ना आपत्तिजनक है। जिससे आपसी सौहार्द बिगड़ने का खतरा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध किसी कलाकार से नहीं,बल्कि उस सोच से है जो मनोरंजन के लिए जाति विशेष को बदनाम करती है।
सर्व ब्राह्मण महासभा ने नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माताओं के समक्ष मांग रखी है कि फिल्म के वर्तमान शीर्षक घूसखोर पंडित पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही निर्माताओं और प्लेटफॉर्म द्वारा इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। वहीं भविष्य में किसी भी समुदाय को लक्षित करने वाले जातिवादी कंटेंट से परहेज किया जाए।
महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों की अनदेखी की गई तो देशभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा । साथ ही सरकार और नियामक संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री की सामाजिक संवेदनशीलता की गंभीरता से जांच की जाए। ताकि किसी समाज के आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचे।




















