जयपुर। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फुलेरा दोज का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा एवं होली पर्व के आगमन से जुड़ा है। इस अवसर पर मंदिरों एवं घरों में फूलों से विशेष सजावट की गई। रंग-बिरंगे फूलों से होली खेलने की परंपरा निभाई गई।
आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में फुलेरा दोज पर ठाकुरजी और राधा रानी का पीले फूलों से श्रृंगार किया गया। रचना झांकी में ठाकुरजी के राधा रानी संग नौका विहार का भाव चित्रित किया। फुलेरा दोज के अवसर पर घरों और मंदिरों को फूलों एवं रंगोली से सजाकर उत्सव मनाया गया। होली पर्व के स्वागत की तैयारियों का शुभारंभ हुआ।




















