जयपुर। जयपुर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जब सुभाष चौक थाना क्षेत्र में एक चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक घटना में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हालांकि समय रहते सूचना मिलने पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक घायल महिला को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसके पति और मासूम बेटी को नहीं बचाया जा सका। दो बच्चों समेत पांच घायलों को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उपचार के बाद एक को छुट्टी दे दी गई। हादसा सुभाष चौक सर्किल स्थित बाल भारती स्कूल के पीछे हुआ। हादसे के दौरान मकान में बीस लोग मौजूद थे। मकान का पिछला हिस्सा गिरते ही तेरह लोग बाहर निकल गए थे।
आधी रात का हादसा और त्वरित कार्रवाई
यह घटना शुूक्रवार—शनिवार की देर रात घटी है। जब जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम से एसडीआरएफ कंट्रोल रूम को इमारत गिरने और लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली। कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया के निर्देश पर एसडीआरएफ जयपुर की एच कंपनी की रेस्क्यू टीम एच-02 को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
रेस्क्यू टीम प्रभारी मोहनलाल के नेतृत्व में नौ जवानों की टीम आधे घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। टीम ने पाया कि एक पुरानी हवेली भरभराकर ढह गई है। शुरुआती जानकारी में पता चला कि मलबे में 7 लोग दबे थे। जिनमें से वासुदेव (34), उनकी पत्नी सुकन्या (23) और बेटों सोनू (4), ऋषि (6) को रेस्क्यू करके हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।
अत्याधुनिक तकनीक से चला सर्च ऑपरेशन
एसडीआरएफ की टीम ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर बाकी लोगों को खोजने के लिए एक गहन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने ध्वस्त इमारत में दबे लोगों की पहचान के लिए हेलिंग सर्च तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे मलबे के नीचे दबे होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद जवानों ने सावधानी पूर्वक मलबे को हटाया और 30 वर्षीय श्रीमती सुमित्रा को बाहर निकाला। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, इसलिए तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया। बाद में सीएसएसआर उपकरणों की मदद से मलबे को और हटाया गया।
बचाव दल को मलबे में सुमित्रा के पति प्रभात (35) और उनकी 5 वर्षीय बेटी पीहू के शव मिले। यह परिवार पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के काशीपुर गांव के निवासी थे। टीम ने दोनों शवों को बरामद कर स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया।
इस घटना ने एक परिवार को तबाह कर दिया, लेकिन एसडीआरएफ जवानों की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई ने कम से कम एक जान बचाने में सफलता हासिल की। सहायक पुलिस आयुक्त (माणक चौक) पीयूष कविया के अनुसार हादसे के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से खाली करा लिया गया था ।
घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सुभाष चौक में जहां यह हादसा हुआ, वहां करीब पांच से ज्यादा ऐसे मकान हैं जो जर्जर अवस्था में हैं। ऐसे में भविष्य में यदि तेज बारिश होती है तो किसी दूसरे मकान में भी हादसा हो सकता है।
वहीं प्रभात और उनका परिवार तीसरी मंजिल पर रहता था। दो साल से यहां किराए से रह रहा था। यह मकान शहाबुद्दीन नाम के व्यक्ति का है। इस पूरे मकान सिर्फ किराएदार रहते हैं। प्रशासन या नगर निगम ने जर्जर भवनों की जो सूची बनाई थी।
मकान मालिक पर नियमानुसार कार्रवाई होगी
हादसे के बाद हेरिटेज नगर निगम महापौर कुसुम यादव घटना स्थल पर पहुंची। इस दौरान पीड़ित परिवार से बात की। महापौर ने कहा कि अधिकारियों को सात दिन में हेरिटेज निगम में जर्जर भवनों की सूची बनाकर कार्रवाई करनी होगी। नहीं तो उन पर भी करवाई की जाएगी। जिस जर्जर भवन में हादसा हुआ। इसके मकान मालिक पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
जर्जर बिल्डिंगों की फोटो और पत्र भी लिखा
विधायक अमीन कागजी कहा कि जर्जर मकान में बीस से ज्यादा लोग किराए पर रहते हैं। जो पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। बाकी लोगों को तौर पर पार्षद कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। यह प्रशासन की लापरवाही है। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को और अधिकारियों को एक पत्र लिखा था जिसमें कहा था कि परकोटे में जो जर्जर भवन है उनको आईडेंटिफाई किया जाए और उनको खाली कराया जाए। बहुत ज्यादा जर्जर बिल्डिंग हैं और जो बहुत ज्यादा पुरानी बिल्डिंग है जो गिरने की अवस्था में हैं। उनके फोटो भी भेजे थे ईमेल भी किया।
स्थानीय थाना पुलिस से ली जाएगी जर्जर इमारत की रिपोर्ट
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक मकान गिरने से कुछ लोगों के दबे होने की सूचना थी। मौके पर एसीपी माणक चौक अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे थे। हादसे में दो लोगों की मौत हुई है जबकि पांच लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां वॉल सिटी एरिया में तंग गलियां है और यहां एक एंट्री अगर बंद हो तो दूसरी एंट्री से आने में काफी परेशानी होती है।
यहां जो मंदिर का रास्ता है वहां से लोगों को रेस्क्यू किया गया था। जिस वक्त जयपुर में तीज की यात्रा निकाली गई थी, उस वक्त पुलिस प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन को जर्जर इमारत को लेकर लिखा गया था और स्थानीय थाना पुलिस से जर्जर इमारत की रिपोर्ट भी ली जाएगी।




















