गैस किल्लत पर डोटासरा का हमला: जनता लाइन में और सीएम कचौरी में व्यस्त

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जयपुर। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के बीच देश और प्रदेश में रसोई गैस व पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गैस की कमी से लोग परेशान हैं, जबकि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा लोकसभा अध्यक्ष के लिए कोटा से कचौरी भेजने की बात कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि एक तरफ प्रदेश में लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं, वहीं मुख्यमंत्री ओम बिरला को खुश करने में लगे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस तरह नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प से डरते हैं, उसी तरह मुख्यमंत्री भी ओम बिरला से डरते हों।

डोटासरा ने कहा कि इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 11 दिन हो चुके हैं, जिसके कारण पेट्रोल-डीजल और गैस की स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की रिफाइनरी तैयार है, लेकिन प्रधानमंत्री समय नहीं दे रहे हैं। ऐसे संकट में सरकार को तुरंत रिफाइनरी चालू करनी चाहिए और प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों की शादियां हैं, उन्हें तत्काल व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं और जिन व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है, उनके बिजली बिल माफ किए जाएं। डोटासरा ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में भाजपा सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है, जिसके कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।

डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं, घरेलू गैस की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है और कालाबाजारी बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं और जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस इसके विरोध में प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन कर रही है और आगे ब्लॉक व मंडल स्तर पर भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष टीमाराम जुली ने कहा कि सरकार को गैस सिलेंडर की स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता कितनी है और मांग कितनी है।
जूली ने कहा कि सरकार लोगों को पैनिक नहीं होने की सलाह दे रही है, लेकिन हालात ऐसे बना दिए हैं कि जनता खुद ही घबराने लगी है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर पर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर पर भी कीमतें बढ़ा दी गई हैं, जिससे ढाबे, रेस्टोरेंट और होटल उद्योग संकट में आ गया है।

उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से लकड़ी की मांग में करीब 25 प्रतिशत और इंडक्शन चूल्हों की मांग में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट योजना बतानी चाहिए, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नजर नहीं आ रही।

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