एजुकेशन समिट: ‘क्रेडेंट शिक्षक श्री’ अवार्ड से सम्मानित हुए 100 से अधिक टीचर्स-प्रिंसिपल

जयपुर। एस.एस.जैन सुबोध लॉ कॉलेज, जयपुर में 5वें जयपुर एजुकेशन समिट-2024 का बुधवार को समापन हुआ। क्रेडेंट टीवी यूट्यूब चैनल की ओर से शिक्षा में सराहनीय कार्य करने के लिए 100 से अधिक टीचर्स-प्रिंसिपल को ‘क्रेडेंट शिक्षक श्री’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

सम्मान पाने वालों में सुबोध पब्लिक स्कूल की प्राचार्या कमलजीत यादव, सुबोध लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल गौरव कटारिया, रावत स्कूल के डायरेक्टर नरेंद्र सिंह रावत, डीकेवी स्कूल के प्राचार्य अशोक कुमार शर्मा, केजीपी स्कूल की प्रिंसिंपल प्रीति माथुर और सेंट सोल्जर पीजी गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो.(डॉ.) शुभा शर्मा सहित कई स्कूल-कॉलेज के प्राचार्य एवं अध्यापक शामिल रहे। समिट में शिक्षा, साहित्य, सिनेमा, कृषि, मीडिया, साइकोलॉजी और मेंटल हेल्थ सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।

इस मौके पर जयपुर एजुकेशन समिट के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील नारनौलिया ने बताया कि हर सत्र से बच्चों ने नई सीख हासिल की है, जो उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, कृषि में कैरियर, रंगमंच, सिनेमा, साहित्य, पर्यावरण सहित करीब 12 विषयों पर सेशन हुए। माननीय जस्टिस देवेंद्र मोहन माथुर और मॉडरेटर लवलीना माथुर ने बच्चों को कंज्युमर एनपावर के बारे में बताया। इस मौके पर क्रेडेंट टीवी यूट्यूब चैनल की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर प्राप्ति भाटी, कुबेर भाटी, राज नारनौलिया और प्रीति उपस्थित रहीं।

विजुअल असरदार लेकिन क्रॉस-चैक करना जरुरी

जेईएस-2024 में अंतिम दिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सेशन हुए जिसमें मीडिया की जिम्मेदारी और युवाओं के भविष्य पर चर्चा हुई। सेशन में दूरदर्शन से मुरारी गुप्ता, जाने माने लेखक-जर्नलिस्ट डॉ.फिरोज खान, जन टीवी के एस.के.खुराना और रवि कासलीवाल ने अपने विचार बच्चों के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि आज के समय में खबरों को बिना जांचें-परखे फॉरवर्ड कर देना सही नहीं। सभी खबरों का फैक्ट क्रॉस चैक करना जरुरी है। वहीं फिल्म डायरेक्टर गजेंद्र श्रोत्रिय व दीपांकर प्रकाश, लेखक चरणसिंह पथिक और डॉ.राकेश कुमार ने शिक्षा में सिनेमा की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विजुअल एक असरदार मिडियन है। सिनेमा बच्चों की कल्पना शक्ति को बढ़ाता है लेकिन बच्चों को अपना आर्ट कंटेंट खुद चुनना होगा।

पर्यावरण विदों ने सिखाया संरक्षण का ज्ञान

पद्मश्री सुंडाराम वर्मा और पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने कार्यक्रम में शिकरत करते हुए स्टूडेंट्स को पर्यावरण संरक्षण, वाटर हार्वेस्टिंग और ईको सिस्टम के बारे में बताया। ‘गुरुजी’ के नाम से विख्यात वर्मा ने जहां स्थानीय पौध के सहारे कम पानी में पनपने वाली तकनीक के बारे में बताया। वहीं पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने पेड़ों के माध्यम से संस्कारों की ओर लौटने की बात कही। उन्होंने कहा कि पौधारोपण से बड़ा पुण्य कोई नहीं। उन्होंने अपने जन्मदिन पर एक पौधा हर वर्ष लगाने की सलाह दी। दोनों पर्यावरण विदों को 2020 में पद्मश्री सम्मान मिला है। एसकेएनयू जोबनेर के वीसी प्रो.(डॉ.) बलराज सिंह ने कृषि में कैरियर की संभावनाओं के बारे में बताया।

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