वादाखिलाफी पर भड़के कर्मचारी: संभागों में प्रदर्शन का ऐलान

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Employees angered by broken promises: Protests announced in all divisions.
Employees angered by broken promises: Protests announced in all divisions.

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लगातार अनदेखी किए जाने से अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को प्रदेश कार्यालय केन्द्रीय मुद्रणालय जयपुर में आयोजित की गई। बैठक महासंघ के संरक्षक कुलदीप यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक में सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों पर चर्चा की गई। महासंघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि बैठक में संविदा,प्लेसमेंट एवं मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही सभी कैडरों में समान पदोन्नति अवसर सुनिश्चित करने, लंबित डीपीसी को तत्काल संपन्न कराने तथा सचिवालय के समान अन्य अधीनस्थ व मंत्रालयिक कर्मचारियों को भी भत्ते देने की मांग रखी गई।

साथ ही आरजीएचएस (कैशलेस इलाज) योजना की खामियों पर भी गंभीर चिंता जताई गई। महासंघ ने योजना के तहत दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और निजी अस्पतालों में आ रही तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।

इसके अलावा सरकार और खेमराज समिति द्वारा वेतन विसंगतियों को दूर करने के वादों से मुकरने, बजट घोषणाओं की वादा-खिलाफी तथा सेवानिवृत्ति के समय जीपीएफ, राज्य बीमा सहित अन्य देयकों का भुगतान नहीं होने पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया।

भरतपुर संभाग से आए प्रतिनिधियों ने आरजीएचएस योजना के तहत कर्मचारियों के कथित गलत निलंबन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक में तकनीकी, मंत्रालयिक, अधीनस्थ, वाहन चालक, महिला एवं बाल विकास, होमगार्ड, मेडिकल, आईटी, शिक्षक संघ (एकीकृत), जनता जल योजना, रसोइया-चौकीदार, फार्मासिस्ट एवं सहायक कर्मचारी संघ सहित अनेक संगठनों ने अपनी लंबित समस्याएं महासंघ के समक्ष रखीं।

प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में सरकार की लगातार शिथिलता को देखते हुए सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया है। आंदोलन के प्रथम चरण में संभाग स्तर पर विशाल धरने आयोजित कर सरकार को चेताने का कार्य किया जाएगा।

इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़, संरक्षक कुलदीप यादव, महामंत्री मोहनलाल शर्मा सहित प्रमुख कर्मचारी नेता बहादुर सिंह, शेर सिंह यादव, सर्वेश्वर शर्मा, अजयवीर सिंह, प्रहलाद अग्रवाल, ओमप्रकाश श्रीमाली, प्रदीप गर्ग, मधुबाला शर्मा, रंजीत मीणा, छोटे लाल मीणा, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, ओमप्रकाश चौधरी, उमेश शर्मा, झलकन सिंह राठौड़, बजरंग सिंह शेखावत, नाथू सिंह गुर्जर, शशि शर्मा, अशोक भंडारी, धूल सिंह, देवी सहाय वर्मा, तिलक चंद शर्मा, सुभाष यादव, योगेश शर्मा, सीताराम धाभाई, वीरेंद्र यादव, शहीदुदीन, रामनिवास जाटव, तेज प्रकाश चतुर्वेदी, चंद्रभान चौधरी, अनिश अहमद, लक्ष्मीनारायण, गुलाब सिंह, सुरेश नारायण शर्मा, प्रताप सिंह, गुलशन बागोरिया, नरेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

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