जयपुर में फर्जी कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी करने का भंडाफोड

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Fake call centers in Jaipur busted for defrauding US citizens of millions of dollars
Fake call centers in Jaipur busted for defrauding US citizens of millions of dollars

जयपुर। जयपुर पुलिस ने मालवीय नगर और प्रतापनगर क्षेत्र में संचालित हो रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों पर संयुक्त छापेमारी कर 49 पुरुष और 11 महिलाओं सहित 60 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 57 कंप्यूटर और 3 लैपटॉप भी जब्त किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह खुद को अमेजन और एप्पल ग्राहक सेवा केंद्र बता कर अमेरिकी नागरिकों को ठगता था।

पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए उपकरणों की विस्तृत जांच से यह खुलासा होगा कि अब तक इस गिरोह ने कितने अमेरिकी नागरिकों से कितनी धनराशि की ठगी की है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि मालवीय नगर और प्रतापनगर क्षेत्र में संचालित हो रहे दो फर्जी कॉल सेंटरों पर संयुक्त छापेमारी करते हुए ग्रेसन (29) निवासी मुम्बई महाराष्ट्र,अब्दुल रहमान (20) निवासी मुम्बई महाराष्ट्र, जश पटेल (27) निवासी अहमदाबाद गुजरात,रिबेका हेरिस (28) निवासी जामनगर गुजरात, निनाद शिंदे (30) निवासी पालघर महाराष्ट्र, रवि प्रजापति (27) निवासी कालन्द्री जिला सिरोही, संदीप राम पटेल (28) निवासी पालघर जिला मुम्बाई, खाजामांग (23) निवासी चांदपुर जिला मनीपुर,आयूष रॉय (20) निवासी रसूलपुर जिला सिवान छपरा विहार, राजपांडिया (25) निवासी विरार जिला मुम्बई, शेख दानिश (23) निवासी मलाड जिला मुम्बई, सुमित जसवंत भाई वसावा (27)निवासी जगरिया जिला बरूच, मिथ पाल (19) निवासी मेघालय, लोन गोगिन सिनगस्टी (30)निवासी कांग पोकई मनीपुर, आहद खान (21)निवासी मुम्बई महाराष्ट्र, आदित्य थापा (21)निवासी जिला दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल,रिक्की साही (28)निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल, रोहित रेड्डी (25) निवासी थाणे महाराष्ट्र ,एलेक्स बारला (20) निवासी मुंबई,सचिन केसवानी (26) निवासी मुंबई,रूबल राय (25) निवासी सिलीगुड़ी,मोहम्मद शाबाज़ (25) निवासी मुंबई,विक्की गुप्ता (30) निवासी पालघर,सुप्रिया (18) निवासी सिलीगुड़ी,अमन साहू (23) निवासी मुंबई,प्रियेश पंवार (25) निवासी पालघर,पार्थ ठक्कर (29) निवासी अहमदाबाद,भावार्थ जवेरी (26) निवासी वडोदरा,साजन कुमार साहनी (25) निवासी समस्तीपुर,अंकुर दास (23) निवासी लखीमपुर,आयुष चव्हाण (24 ) निवासी मुंबई,राज जायसवाल (23) निवासी मुंबई,निखिल आयरे (31) निवासी मुंबई,गौरव बिडलान (23) निवासी ठाणे,चिंग्खेई नग्नबा मैतेई (24 ) निवासी गुवाहाटी,बी-टोलेन (24 ) निवासी तुएनसांग,राकेश बिस्वास (21 ) निवासी खटखटी,पुकिवी वत्सा (24 ) निवासी दीमापुर,सारिक (25 ) निवासी नई दिल्ली,ओबी रॉय (19 ) निवासी दीमापुर,चुंग्शी (30) निवासी दीमापुर,बायचुंग (23 ) निवासी मोन,लिवान्धंग (23 ) निवासी वोखा,अजेपी (24 वर्ष) निवासी थंगसन,विलोतो (22) निवासी दीमापुर,गौरव बिस्वा (22) निवासी शिलांग,मिहिर दोर्जी (24 ) निवासी शिलांग,कुनाल छेत्री (25 ) निवासी दीमापुर,देवांग योगेश (24 ) निवासी वडोदरा,दीपक सोनी (33 ) निवासी अहमदाबाद,रोहित सेमवाल (24 ) निवासी वडोदरा,लिडिया संगमा (21 ) निवासी बोकाजन,चिगन्यू पंग्यू (28 ) निवासी मोन,वोचाना इजुंग (25 ) निवासी दीमापुर,मेदोतलू वेंड्ये (22 ) निवासी फेक,वेलू राहखो (19 ) निवासी फेक,थुजोनेलू राहखो (19 ) निवासी फेक,विला केडित्सु (21 ) निवासी कोहिमा,बिनिता बिस्वा (22 ) निवासी शिलांग और भारती रेली (21) निवासी दीमापुर को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 57 कंप्यूटर और 3 लैपटॉप भी जब्त किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के द्वारा इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर गूगल सर्च में ऊपर दिखाए जाते थे। जब अमेरिकी लोग जब किसी तकनीकी या रिफंड संबंधी मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल करते थे,तो कॉल गिरोह के डायलरों द्वारा रिसीव की जाती थी।

इसके बाद कॉल को “क्लोजर्स” के पास ट्रांसफर किया जाता था। जो खुद को बैंक अधिकारी या अमेरिकी सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बता कर पीड़ितों से उनके बैंक,कार्ड और निजी जानकारी ले लेते थे। कई मामलों में आरोपियों द्वारा पीड़ितों को एफबीआई, आईटी विभाग और अमेरिकी अदालतों के फर्जी वारंट और नोटिस भेजकर डराया जाता था। आरोपियों द्वारा पीड़ितों के बैंक अकाउंट की जानकारी लेकर उन्हें नए अकाउंट खोलने की प्रक्रिया के नाम पर धोखे से गिरोह के फर्जी खातों में पैसा ट्रांसफर करवाया जाता था. बाद में यह रकम क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के माध्यम से भारत में प्राप्त की जाती थी। गिरोह अब तक लाखों डॉलर की धोखाधड़ी कर चुका है।

आरोपियों के कब्जे से मिले डिजिटल रिकॉर्ड में हजारों अमेरिकी नागरिकों की निजी और बैंकिंग जानकारी, कॉल रिकॉर्डिंग और ठगी के दस्तावेज मिले हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक लाखों डॉलर की धोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए सिस्टम और डेटा की फॉरेंसिक जांच के बाद इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और भी सामने आ सकते हैं।

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