FIDC की बैठक जयपुर में “विकसित भारत 2047” के रोडमैप में एनबीएफसी की भूमिका और अवसरों पर हुई चर्चा

जयपुर। एनबीएफसी के निदेशक मंडल ने जयपुर में एक बैठक बुलाई, जिसमें भारत की वृद्धि को 7 प्रतिशत से आगे बढ़ाने के लिए सहयोगी साझेदारी, फ़ंडिंग संरचना और गैर-बैंकिंग फ़ाइनैंशियल कंपनियों (एनबीएफसी ) के बीच बेहतरीन कार्यों के लेन-देन की अहम ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया। एफआईडीसी के अध्यक्ष और श्रीराम फ़ाइनैंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष उमेश रेवांकर ने विशेष रूप से सरकार की ओर से तय किए गए महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों के मद्देनज़र एनबीएफसी को एकजुट होने और उसे सहयोग करने की अनिवार्यता के बारे में बताया।

रेवांकर ने इस पर प्रकाश डाला कि ट्रांसपरेंट कम्यूनिकेशन (पारदर्शी संचार) को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था पर एनबीएफसी के सकारात्मक प्रभाव के चारों ओर एक आकर्षक कहानी तैयार करना न सिर्फ़ इस क्षेत्र की विश्वसनीयता को बढ़ाएगा, बल्कि निवेशकों के विश्वास को मज़बूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा, जिससे निरंतर विकास और विकास के लिए आवश्यक धन जुटाना आसान हो जाएगा।

वित्तीय समावेशन में एनबीएफसी की अहम भूमिका को स्वीकार करते हुए बैंकिंग क्षेत्र की वजह से हुए अंतराल को दूर करने के लिए -रेवांकर ने सदस्यों की सफलता की कहानियों और पहलों को साझा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जो समावेशी विकास के लिए क्षेत्र की प्रतिबद्धता दिखाते हैं। उन्होंने कहा, यह जनसंख्या के कम सेवा वाले वर्गों की सेवा में एनबीएफसी की ओर से निभाई गई अहम भूमिका के बारे में सार्वजनिक जागरूकता में योगदान करेगा।

बोर्ड की बैठक में अपने सदस्यों के हितों की पैरवी करने में एफआईडीसी की वकालत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। चर्चाओं में नियामकों, नीति वकालत की कोशिशों और एनबीएफसी पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने के मकसद से सदस्य जुड़ाव कार्यक्रमों की विशिष्ट पहल शामिल थीं।

बड़ी संख्या में एनबीएफसी के साथ-साथ राजस्थान से स्थानीय रूप से एमएसएमई , उद्यमियों, छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को उधार लेने की ओर से बात करते हुए, एसके फ़ाइनैंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेंद्र सेतिया ने कहा, “राजस्थान में एनबीएफसी क्षेत्र राज्य की आर्थिक क्षमता से प्रेरित होकर अहम विकास के लिए तैयार है। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, एमएसएमई का समर्थन करने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, एनबीएफसी कस्टमाइज़ वित्तीय समाधान देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

प्रौद्योगिकी और डेटा ऐनालिटिक्स का लाभ उठाते हुए, राजस्थान की आबादी की ख़ास ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से अहम एमएसएमई और वाहन वित्त क्षेत्र के भीतर, उद्यमशीलता और समग्र आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए पर्याप्त अवसर हैं।” चुनौतियों का सामना करने पर बोलते हुए सेतिया ने ऑपरेशन से जुड़े लचीलेपन बनाए रखते हुए अनुपालन पक्का करने के लिए नियामक निकायों के साथ सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। संवेदनशील वित्तीय डेटा की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा के उपाय मज़बूत होने चाहिए और कार्यबल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कौशल विकास पर ध्यान देना ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय समुदायों के साथ मज़बूत साझेदारी करना और सांस्कृतिक बारीकियों को समझना भी विश्वास हासिल करने और आउटरीच का विस्तार करने में अहम होगा। उभरते हुए वित्तीय परिदृश्य ने स्थायी वित्तपोषण के अवसरों सहित नए वित्तपोषण क्षेत्रों पर चर्चा करने के लिए बढ़ावा दिया। सदस्यों ने उद्योग पर डिजिटल परिवर्तन और अभिनव वित्तीय उत्पादों के प्रभाव को देखते हुए, फ़िनटेक फ़र्मों के साथ सार्थक सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। सदस्यों के बीच बढ़े हुए सहयोग की अनिवार्यता एक प्रमुख विषय के रूप में उभरी, जिसमें इस क्षेत्र में उभरते रुझानों को नैविगेट करने और लाभ उठाने के लिए ज़रूरी सामूहिक कोशिशों पर ज़ोर दिया गया।

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