नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण की शुरूआत करते हुए कहा, “भारत के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास दोहराया है और इसे ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना है।” उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के सामने कई वाह्य और आंतरिक चुनौतियां बनी हुई है और इन चुनौतियों से महंगाई बढ़ने का खतरा है।
वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक वृद्धि एक चमकता सितारा बना हुआ है और आने वाले वर्षों में भी ऐसी ही रहेगी। भारत की मुद्रास्फीति कम और स्थिर बनी हुई है और 4 प्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ़ रही है तथा कोर महंगाई 3.1 प्रतिशत पर है।
सीतारमण ने कहा, “जैसे अंतरिम बजट में बताया गया है, हमें चार अलग-अलग जातियों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। किसानों के लिए, हमने वादे को पूरा करते हुए सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा की है। लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मार्जिन के लिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हुआ।
वित्त मंत्री ने कहा, “मुझे दो लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ पांच वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए पांच योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमारे पास है शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है।”



















