गैस सिलेंडर में आग लगने से दंपति सहित पांच लोग जिंदा जले

जयपुर। जयपुर के विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह साढे सात बजे चाय-नाश्ता बनाते समय गैस सिलेंडर से पाइप के अचानक निकलने से लगी आग में एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में माता-पिता और तीन बच्चे शामिल हैं। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के बाद जले हुए शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया।

जयपुर पश्चिम के पुलिस उपायुक्त अमित कुमार ने घटना विश्वकर्मा थाना क्षेत्र के जैसल्या गांव की है। जहां सुबह करीब साढ़े सात बजे चाय-नाश्ता बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर से पाइप निकल जाने से लगी आग में राजेश (26), उसकी पत्नी रूबी (24), ईशु (7), दिलखुश (2) और खुशमानी (4) की मौत हो गई। यह परिवार वार्ड नंबर 12, मधुबनी, फेनहारा, पूर्वी चंपारण, (बिहार) रहने वाला था और पिछले सात महिने से यहां किराए पर रहता था। राजेश एक फैक्टरी में काम करता था। परिवार करीब 4-5 महीने से यहां रह रहा था। यह परिवार पिछले एक महीने से अपने गांव गया हुआ था और 20 मार्च की शाम को जयपुर लौटा था। गुरुवार सुबह हादसा हो गया।

सुबह ही साइकिल पर सिलेंडर लेकर आया था

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अशोक चौहान ने बताया कि घर में रखा गैस सिलेंडर खत्म होने के कारण रात को जैसे-तैसे खाना बाहर से लाकर परिवार ने खाया था।
सुबह उठते ही राजेश यादव अपनी पत्नी को बच्चों का ध्यान रखने की कहकर साइकिल लेकर गैस सिलेंडर लेने चला गया। खाली सिलेंडर देकर भरा सिलेंडल लेकर आया था। कमरे के पास साइकिल खड़ी कर गैस सिलेंडर लगाकर जैसे ही चूल्हा जलाया तो आग लग गई।

बैग से सामान तक नहीं निकाला था

एसीपी चौहान ने बताया कि गांव से आने के बाद परिवार नए बर्तन भी बुधवार को ही खरीदकर लाया था। गांव से थके हारे आने के कारण बैग से अपना सामान तक बाहर नहीं निकाला था। इधर पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि राजेश ने सुबह ही सिलेंडर बदलकर खाना बनाने के लिए रेगुलेटर लगाया था। रेगुलेटर शायद सही ढंग से नहीं लगा होगा। इसके कारण लीकेज हो गया और आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे कमरे में फैल गई। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची थी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया था।

थानाधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आ रहा है कि गुरुवार सुबह जब बच्चों की मां रूबी चाय-नाश्ता बना रही थी तो इस दौरान गैस के पाइप से तेजी से गैस लीक होने के बाद पूरे कमरे में आग लग गई। वहीं पर राजेश भी मौजूद था। पहले तो वह घर से बाहर भागा लेकिन बाद में बच्चों और पत्नी को बचाने के लिए वापस अंदर दौड़ गया। शोर मचाने के दौरान आसपास के लोग भी मौके पर आ गए। पुलिस के अनुसार सिलेंडर और चूल्हा कमरे के गेट पर ही रखा था इसलिए कोई भी बाहर नहीं निकल सका लेकिन कुछ देर में अंदर से आ रही चीखें शांत हो गईं।

दमकल ने जब आग पर काबू पाया तब जाकर पुलिस और गांव के लोग अंदर गए और पता चला कि पूरा का पूरा परिवार ही जिंदा जल गया। पांचों के शवों को एक चादर में लपेट कर पुलिस ने एंबुलेंस में रखवाया। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।

हादसे की सूचना पर जयपुर कलेक्टर, एसडीएम, जयपुर पुलिस कमिश्नर, पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम, चौमू सहायक पुलिस आयुक्त, मुरलीपुरा थानाधिकारी, हरमाड़ा थाना अधिकारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच कर घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवेदना प्रकट करते हुए एक्स पर लिखा कि जयपुर के विश्वकर्मा क्षेत्र में भीषण आग की चपेट में आने से पांच नागरिकों के असामयिक निधन का समाचार हृदय विदारक है। परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान व परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

उपमुख्यमंत्री दीया कुमार ने संवेदना प्रकट करते हुए एक्स पर लिखा कि जयपुर के विश्वकर्मा इलाके के जैस्लया में एक घर में आग में झुलसने से पांच लोगों की दर्दनाक मृत्यु की सूचना मिलने से आहत हूं। ईश्वर, दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की असीम शक्ति दें।

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