जयपुर। श्री राधाष्टमी महोत्सव पर शनिवार को ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी के श्री गोविंद धाम में 22 अगस्त को महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में तुलसी के पौधों का पूजन किया गया और शनि अमावस्या पर भक्तों को 15 सौ पौधे वितरित किए गए। यह कार्यक्रम हरियाली को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण को प्रेरित करने और भक्तों को धर्म व प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
महंत अंजन कुमार गोस्वामी के पावन सानिध्य में हुए इस आयोजन के अंतर्गत श्री राधा गोविंद देव जी के “चाकर स्वयंसेवको ” ने 1500 पवित्र तुलसी पौधों,जामुन ,कचनार,करंज, अशोक,बील पत्र, गुलमोहर, सहजना, नीम,पीपल, हारसिंगार, अपराजिता बेल ,इत्यादि छाया दार व फलदार पौधों का भक्तों को निशुल्क वितरण किया गया। तुलसी माँ, जो हिन्दू संस्कृति में पवित्रता, स्वास्थ्य और आस्था का प्रतीक मानी जाती हैं, के पौधे श्रद्धा और उत्साह के साथ भक्तों ने ग्रहण किए।
अपने आशीर्वचन में महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने बताया कि श्री राधाष्टमी महोत्सव में भक्ति और सेवा भाव से सभी भक्तों को पेड़ लगाकर पर्यावरण को शुद्ध और जीवन को स्वस्थ बनाने का अद्वितीय सेवा हैं। प्रत्येक व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, जिससे घर-आंगन और वातावरण पवित्र एवं मंगलमय बना रहे।
इस अवसर पर श्री राधा गोविंद देव जी के चाकर स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से तुलसी वितरण सेवा की। उन्होंने न केवल पौधों का वितरण किया, बल्कि महाराज श्री के दिए गए संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। श्रद्धालुओं को यह बताया गया कि किस प्रकार पेड़ों का रोपण करने से वातावरण पवित्र होता है, सुख-शांति आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उल्लेखनीय है कि “चाकर स्वयंसेवकों ” द्वारा विभिन्न सामाजिक कार्य मंदिर में आयोजित किया जाता है जिससे आज के युवा भक्तों में समाज सेवा की भावना को बढ़ाया जा सके। मंदिर प्रांगण में भक्तों ने उत्साहपूर्वक पौधे ग्रहण किए और उन्हें अपने घरों, आंगनों तथा आसपास के क्षेत्रों में लगाने का संकल्प लिया।