गणेश चतुर्थी आज:सिंजारे पर प्रथम पूज्य के हाथों पर रची मेहंदी

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Ganesh Chaturthi today: Mehndi on the hands of the first worshipper on Sinjara
Ganesh Chaturthi today: Mehndi on the hands of the first worshipper on Sinjara

जयपुर। भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी बुधवार को विभिन्न शुभ योग में गणेश चतुर्थी के रूप में मनाई जाएगी। घर-घर में विघ्नहर्ता का पूजन किया जाएगा। द्वारपाल गणेश का अभिषेक कर सिंदूरी चोला धारण कराया जाएगा। डंका अर्पित कर लड्डू-गुड़धानी का भोग लगाया जाएगा। छोटीकाशी के सभी प्रमुख द्वारों पर प्रतिष्ठित गणेशजी का नगर निगम और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से पूजन किया जाएगा। इससे पूर्व मंगलवार को सिंजारा पर्व मनाया गया।

गणेशजी महाराज को मेहंदी अर्पित कर पारंपरिक सिंजारा पर्व मनाया गया। छोटीकाशी के सभी गणेश मंदिरों में विशेष आयोजन हुए। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महाराज को स्वर्ण मुकुट और पारंपरिक नौलखा श्रृंगार से अलंकृत किया गया। शाम को गणेशजी का विशेष श्रृंगार कर सिंजारे की मेहंदी अर्पित की गई। भक्तों को 3100 किलो मेहंदी का वितरण किया गया।

गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में बाल स्वरूप पुरुषाकृति गणपति को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मेहंदी धारण कराई गई। नहर के गणेश मंदिर, ब्रह्मपुरी माउंट रोड पर भी त्रिदिवसीय गणेश जन्मोत्सव के तहत दूसरे दिन मंगलवार को मेहंदी पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद मोदकों की झांकी सजाई गई। चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में सिंजारा पर्व मनाया गया। गणेशजी को मेहंदी लगाकर भक्तों को वितरित की गई।

शाम को भक्ति संध्या और रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। गलता गेट स्थित गीता गायत्री गणेश मंदिर में पं. राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में गणेशजी को मेहंदी अर्पित की गई। महिलाओं और बालकों को भी मेहंदी लगाई गई। दिल्ली रोड स्थित बंगाली बाबा आत्माराम ब्रह्मचारी गणेश मंदिर में महागणपति महोत्सव का शुभारंभ ध्वजा अर्पण के साथ हुआ। समिति अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को सिंजारा पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों के अलावा घर-घर में भी सिंजारा पर्व को हर्षोल्लास से मनाया गया। बच्चों और महिलाओं ने मेहंदी लगाई तथा पारंपरिक सिंजारा गीत गाकर गणपति बप्पा का आह्वान किया।

गणेश पूजन मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा के अनुसार 27 अगस्त को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी अपराह्न 3:44 बजे तक है। गणेश पूजन के लिए मध्याह्न काल को श्रेष्ठ माना गया है। लाभ-अमृत का चौघडिय़ा सुबह 06:08 से 09:18 तक रहेगा।
शुभ का चौघडिय़ा सुबह 10:53 से दोपहर 12:28 तक रहेगा।
मध्याह्न काल सुबह 11:11 से दोपहर 01:45 तक रहेगा।
वृश्चिक लग्न दोपहर 12:11 से दोपहर 02:29 तक रहेगा।
चर-लाभ-अमृत का चौघडिय़ा अपराह्न 03:38 से शाम 06:49 तक रहेगा।

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