शाही लवाजमें के साथ त्रिपोलिया गेट से निकलेगी गणगौर माता की सवारी

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जयपुर। गणगौर की पारंपरिक शाही सवारी पूरे ठाट-बाठ और लवाजमे के साथ त्रिपोलिया गेट के सिटी पैलेस 31 मार्च और 1 अप्रैल को त्रिपोलिया गेट से निकाली जाएगी। जयपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य त्रिपोलिया गेट पर गणगौर माता की पूजा करेंगे। इस अवसर पर दुनियाभर के देशी-विदेशी पर्यटक जयपुर पहुंचेगे।

पर्यटन विभाग की तरफ से दो दिवसीय इस कार्यक्रम में गणगौर माता की शाही सवारी सिटी पैलेस से शुरू होकर छोटी चौपड़ से होते हुए गणगौरी बाजार ,तालकटोरा पहुंचेगी। इस शोभायात्रा में पारंपरिक नृत्य और कई तरह की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेगी। जिनमें कच्ची घोड़ी,कालबेलिया,बहरूपिया,अलगोजा गैर ,चकरी शामिल है। शोभा यात्रा में तोप गाड़ी ,सुसज्जित रथ ,घोड़े और ऊंट भी शामिल होंगे।

हिंद होटल की छत पर किए सैलानियों के लिए इंतजाम

पर्यटक विभाग के उप निदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान की संस्कृति और आस्था से जुड़े गणगौर महोत्सव को इस बार और भव्य रूप में मनाने की तैयारी की गई है। पर्यटन विभाग की ओर से शोभायात्रा में कलाकारों की संख्या बढ़ाने के साथ कई नए आकर्षण जोड़े गए हैं। इस बार पहली बार ड्रोन के जरिए पुष्पवर्षा की जाएगी और प्रदेशभर में 200 एलईडी स्क्रीन पर शोभायात्रा का सीधा प्रसारण होगा।

शेखावत ने बताया कि गणगौर की सवारी 31 मार्च और 1 अप्रैल को शाम पौने छह बजे से निकाली जाएगी। इस बार शोभायात्रा में 250 लोक कलाकार हिस्सा लेंगे। सजी-धजी पालकियों, ऊंट, घोड़ों और हाथियों के लवाजमे की संख्या में भी 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।

शोभायात्रा में यह होंगे खास आकर्षण

3 अतिरिक्त हाथी, 12 घोड़े (लांसर्स पंचरंगा झंडा लिए हुए), 6 सजे-धजे ऊंट और 2 विक्टोरिया बग्गी शामिल की जाएंगी। पंखी, अडानी और चढ़ी धारक समेत 24 लोगों का दल पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा का हिस्सा बनेगा। अरवाड़ा संप्रदाय के अनुयायी अपनी पारंपरिक प्रस्तुति देंगे।

छोटी चौपड़ पर विशेष आयोजन

गणगौर माता की सवारी के स्वागत के लिए तीन भव्य मंच बनाए जाएंगे। दो मंचों पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, जबकि तीसरे मंच पर गणगौर माता की पूजा और पुष्पवर्षा की जाएगी। पुलिस बैंड और घूमर नृत्य की विशेष प्रस्तुति होगी।पर्यटकों और दर्शकों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई है।

ड्रोन से पुष्प वर्षा, लाइव प्रसारण भी होगा

शोभायात्रा के दौरान पहली बार ड्रोन के जरिए पुष्पवर्षा की जाएगी। तालकटोरा में राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति होगी। पर्यटन विभाग का कहना है कि गणगौर महोत्सव न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर भी देता है। इस बार के आयोजन को और भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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