ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल संपन्न, 2027 में फिर मिलने का संदेश

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Global Health and Wellness Festival concludes, with a message to meet again in 2027
Global Health and Wellness Festival concludes, with a message to meet again in 2027

जयपुर। स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और वित्तीय सुरक्षा के व्यापक संदेश के साथ ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल जस्ट हेल्थ एंड वैलनेस एवं गौमाया के संयुक्त तत्वावधान में सफल हुआ समापन। फेस्टिवल के समापन अवसर पर फाउंडर हिम्मत सिंह नाथावत ने 6 और 7 फरवरी 2027 को एक बार फिर मिलने का संदेश दिया तथा स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण के संकल्प को दोहराया। फेस्टिवल के दूसरे दिन आयोजित ‘पिंक वूमेनिया’ सत्र आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अंतर्गत आयोजित वूमेन्स कार रैली ने जयपुर शहर में हेल्थ अवेयरनेस का उत्साहपूर्ण वातावरण बनाया।

शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक भागीदारी का प्रेरणादायक संदेश दिया। रैली की आयोजक, कन्नू मेहता ने कहा कि यह वार्षिक पहल महिलाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनने के लिए प्रेरित कर रही है। रैली में हेल्थ गतिविधियां, फूलों की होली, स्लोगन प्रतियोगिता और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक ने आयोजन को उत्सव का स्वरूप दिया। आगे बताते हुए गौमाया के फाउंडर डॉक्टर सीताराम गुप्ता ने बताया कि दोनों दिनों में मिलाकर 7 वर्ल्ड रिकॉर्ड बने जिसमें से 5 वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रथम दिवस तथा दो वर्ल्ड रिकॉर्ड आज बनाए गए

को-फाउंडर भूपेंद्र सिंह, आर.के. व्यास और अजय शर्मा ने बताया कि महिला जागरूकता सत्र ‘शक्ति संवाद’ में बॉलीवुड अभिनेत्री, सुधा चंद्रन सहित भाजपा महिला मोर्चा (राजस्थान) की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़; समाजसेवी रानी रत्ना कुमारी; डॉ. मनीनी पटेल; डॉ. शुभ्रा सिंह; श्वेता मेहता मोदी; डॉ. पवनदीप कौर बिंद्रा और शिक्षाविद् डॉ. लवीना जसवानी ने महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रिवेंटिव केयर, वित्तीय स्वतंत्रता और संतुलित जीवनशैली पर प्रेरक विचार साझा किए। जिसका संचालन एंकर प्रीती सक्सेना ने किया जिसमें 1000 से अधिक महिलाओं की सहभागिता के साथ सातवां वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया। मनीषा सोयल और भावना केड़िया ने बताया कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।

राहुल पचोरी (बिज़नेस हेड, केयर हेल्थ इंशोरनस), आयुष कोगटा (कोगटा फाउंडेशन) और सुदेश सैनी (डायरेक्टर, डीएसके हेल्थकेयर) ने बताया कि इंश्योर इंडिया कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग विशेषज्ञों बलविंदर सिंह वालिया, डॉ. राजेश शर्मा और डॉ. मामराज गुप्ता सहित वक्ताओं ने अस्पताल-बीमा सहयोग, सर्जिकल इंश्योरेंस में हो रही प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक्स की भूमिका तथा ऑन्कोलॉजी सुरक्षा पॉलिसियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। एक अन्य विशेष सत्र “फ्यूचर-रेडी एडवाइजर्स” पर केंद्रित रहा, जिसमें शैलेश श्रीवास्तव और रुचिर चतुर्वेदी ने उच्च प्रदर्शन मानसिकता (हाई-परफॉर्मेंस माइंडसेट) विकसित करने और बीमा वितरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।

कॉन्क्लेव में कीवी जनरल इंश्योरेंस, प्रूडेंशियल हेल्थ, केयर हेल्थ इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस और मणिपाल सिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस जैसी प्रमुख बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उद्योग से जुड़े वर्तमान परिदृश्य, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। वहीं, सीईओ हिम्मत सिंह नाथावत ने हेल्थ और वेलनेस इकोसिस्टम में उभरते अवसरों पर विशेष संबोधन देते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा को व्यापक जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं एक ही छत के नीचे 3000 से अधिक इंश्योरेंस एडवाइजर्स की सहभागिता के साथ छठा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया, जहां भारत के प्रत्येक नागरिक को बीमा सुरक्षा से जोड़ने पर शपत ली गई।

फेस्टिवल के विभिन्न सत्रों में हेल्थकेयर और इंश्योरेंस सेक्टर के भविष्य पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। वहीं “ब्रेन केयर विद कनेक्ट” सत्र का संचालन डॉ. अविनाश सैनी ने किया जिसमें पिंक स्टार हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तजिंदर सिंह चौधरी एवं उनकी टीम के डॉ. अश्विनी शर्मा और डॉ. नवनीत अग्रवाल ने सत्र के दौरान न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और स्पाइन सर्जरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

विशेषज्ञों ने ब्रेन हेमरेज, स्ट्रोक, पैरालिसिस, डायबिटीज तथा लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के कारण, रोकथाम और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उपस्थित लोगों को जागरूक किया। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। फेस्टिवल के दौरान 20,000 से अधिक लोगों ने दो दिन में भाग लिया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ समाज केवल चिकित्सा से नहीं, बल्कि जागरूकता, सुरक्षा और सामूहिक भागीदारी से निर्मित होता है — और इसी सोच के साथ जयपुर ने हेल्थ अवेयरनेस के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत की।

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