जयपुर। मां शारदे का पर्व बसंत पंचमी पर शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन गजकेसरी, बुधादित्य,शिव,रवि और कुमार योग का संयोग रहेगा। इस दिन स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त में नींव मुहूर्त,गृह प्रवेश,विवाह,उपनयन,यज्ञोपवीत,विद्या आरंभ,नौकरी, व्यापार प्रारंभ,नवीन वाहन खरीदना आदि शुभ माना जाता हैं। पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि पंचमी तिथि 23 जनवरी शुक्रवार को देर रात्रि 1:48 बजे तक रहेगी।
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का विधि विधान से वैदिक गुरुकुल,विद्यालयों और संगीत,कला शिक्षण संस्थानों में पूजन किया जाता हैं। इस दिन किताबें,कलम,कॉपी,पीत वस्त्र और खाद्य सामग्री का दान करना शुभ माना गया हैं। बसंत पंचमी,श्री पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती, कामदेव और श्री हरि विष्णु की पूजा का मुहूर्त शुक्रवार को सुबह 07:15 से 11:15 तक हैं । इसके बाद दोपहर 12:36 से 01:57 तक हैं।
वहीं बसंत पंचमी के अबूझ सावे पर शुक्रवार को शादियों की धूम रहेगी। कई समाजों के सामूहिक विवाह सम्मेलन भी होंगे। जयपुर जिले में लगभग दो हजार और प्रदेशभर में 25 हजार शादियां होंगी। कई समाजों का सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा।
ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी पर अनेक विशेष योगों का संयोग रहेगा। विद्यारंभ, नामकरण गृह प्रवेश, विवाह और नई वस्तुओं की खरीदारी के लिए दिन शुभ रहेगा।
बिहार समाज बच्चों से कराएगा सरस्वती पूजन: बिहार समाज संगठन का सरस्वती पूजन महोत्सव सुबह दस बजे से हरिपुरा में एनबीसी के पीछे स्थित दुर्गा विस्तार कॉलोनी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों का विद्यारंभ संस्कार कराया जाएगा। पहली बार विद्यालय जाने से पूर्व बच्चे स्लेट या कॉपी में ओम लिखेंगे।
उत्तर प्रदेश बिहार संयुक्त समाज, बिहार समाज सेवा समिति, उत्तर प्रदेश बिहार कल्याण समाज, मिथिला समाज, बिहार समाज सेवा संघ, बिहार नवयुवक मंडल, यादव महासभा एवं मानवता केंद्र संस्थान के पदाधिकारी मुख्य रूप से माता सरस्वती के पूजन में सामूहिक रूप से भाग लेंगे। सुरेश पंडित ने बताया कि इस मौके पर मां सरस्वती की विशाल प्रतिमा का पूजन कर पुष्प वर्षा की जाएगी। अनेक झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी।




















