रवि पुष्य पर्व पर शहरभर के विभिन्न गणेश मंदिरों में हुए भव्य धार्मिक आयोजन

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जयपुर। राजधानी जयपुर में रविवार को गुरु पुष्य पर्व पर शहर भर के विभिन्न प्रमुख श्री गणेश मंदिरों में आस्था का सागर उमड़ पड़ा। अल सुबह से ही श्री गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दिनभर पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। इस अवसर पर प्रमुख गणेश मंदिरों में भव्य धार्मिक आयोजन हुए।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में अल सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन नजर आई। महंत कैलाश शर्मा ने बताया ने बताया कि रवि पुष्य पर्व प्रात 7 बजे प्रथम पूज्य श्री गणेश जी महाराज का 151 किलो दूध,,11 किलो दही,24 किलो घी,11 किलो बूरा,शहद,केवड़ा जल,गुलाब जल,केवड़ा इत्र, और गुलाब इत्र से अभिषेक किया गया । इसके पश्चात पंचामृत से अभिषेक कर उन्हे गंगाजल से स्नान करवाया गया ।

मंदिर प्रांगण में 11 बजे से भगवान गणपति के सहस्रनाम के पाठ के साथ 1001 मोदक अर्पण किए गए । जिसके पश्चात शाम 4 बजे प्रथम पूज्य गणेशजी महाराज को नवीन पोशाक धारण करवा उन्हे फूल बंगले में विराजमान किया गया । जिसके पश्चात गणेजी महाराज को विशेष भोग में खीर अर्पित की गई । विधि-विधान से पूजन करने के बाद श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र और स्वास्थ्य के लिए हल्दी का प्रसाद वितरण किया गया ।

ब्रह्मपुरी नहर के गणेश जी

ब्रह्मपुरी माउंट रोड पर स्थित अति प्राचीन, दाहिनी सूंड दक्षिण मुखी श्री नहर के गणेश जी मंदिर में प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का रविवार को पुष्य अभिषेक किया गया। युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि इस पावन अवसर पर मंदिर महंत पं. जय शर्मा के सानिध्य में प्रातः 9 बजे श्री गणपति अथर्वशीर्ष व ऋग्वेदोक्त गणपति मात्रिका के पठन किया गया। जिसके तत्पश्चात प्रातःसाढ़े 10 प्रभु का दूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा एवं दोपहर 1.30 बजे से 2 बजे के मध्य गणपति को मोदक भोग अर्पित कर शयन करवाया गया ।

प्रभु गणपति की सायंकालीन महाआरती 251 दीपकों से की गई तथा रात्रि 10 बजे शयन आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को सुखसमृद्धि दायक व विघ्ननिवारक रक्षासूत्र वितरित किए जाएंगे ।

चांदपोल परकोटा स्थित गणेश मंदिर

चांदपोल परकोटा में स्थित गणेश जी मंदिर में भी रवि पुष्य पर्व पर विशेष अभिषेक का आयोजन किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का 101 किलो दूध और पंचामृत से अभिषेक किया गया। पंडित अमित शर्मा के ने बताया कि प्रथम पूज्य श्री गणेश जी दूध,दही,शहद,गंगाजल,केवड़ा जल और केसर जल से भगवान का अभिषेक किया गया।

जिसके बाद सिंदूर से चोला चढ़ा गया। जिसके पश्चात श्री गणपति जी को नवीन पोशाक धारण करवाई गई। गणपति अथर्वशीर्ष और गणपति अष्टोत्तर नामावली के मंत्रों के साथ गणेश जी को मोदक अर्पित किए गए । इस आयोजन के दौरान भक्तों को लक्ष्मी स्वरूप हल्दी की गांठ और सुपारी का वितरण किया गया । सामूहिक रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ कर गणेश जी को दूर्वा अर्पित की गई । इस धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए ।

जयपुर के इन मंदिरों में भी हुआ पुष्य नक्षत्र में प्रथम पूज्य का अभिषेक

रविवार को पुष्य नक्षत्र में गलता गेट स्थित श्री गीता गायत्री मंदिर के साथ ही सूरजपोल स्थित श्वेत सिद्धि विनायक गणेश जी मंदिर,बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजाधीश गणेश जी मंदिर,चौड़ा रास्ता स्थित काले गणेश जी मंदिर,दिल्ली बाइपास स्थित आत्माराम ब्रह्मचारी गणेश जी आश्रम,आगरा रोड़ स्थित गंगोत्री गणेश मंदिर,खिरणी फाटक झोटवाड़ा स्थित गणेश मंदिर में भी प्रथम पूज्य श्री गणेश जी महाराज का अभिषेक कर उन्हे मोदक अर्पित किए गए। इस अवसर पर भक्तों ने रक्षा सूत्र के साथ प्रसाद वितरण किया गया।

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