जयपुर। वैशाली नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के अवसर पर अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि हिंदू संस्कृति अविनाशी है। यह संस्कृति हजारों वर्षों की कठिन चुनौतियों, आक्रमणों और परिवर्तनों के बावजूद आज भी जीवंत है और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानना और उन्हें जीवन में आत्मसात करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हर मूल्य की स्थापना के लिए त्याग और तपस्या आवश्यक होती है। नैतिकता, सामाजिक समरसता और संस्कारों को सुदृढ़ करने के लिए केवल विचार पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण और कर्म से योगदान देना होगा। समाज तभी सशक्त बनेगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझेगा। उनका वक्तव्य हिंदू समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रबल करने वाला सिद्ध हुआ।




















