जयपुर में होली का रंग चढ़ने लगा: सजने और बिकने लगे रंग,गुलाल सहित पिचकारियां

जयपुर। होली के पर्व के चार से पांच दिन शेष रहे गए है और त्योहार नजदीक आते ही तैयारी शुरू हो गई हैं। इसी चलते राजधनी जयपुर में होली क रंग चढने लग गया और मुख्य बाजारों सहित अन्य बाजारों में रंग,गुलाल और पिचकारियों की बहार आई हुई। बच्चें अभी से पिचकारियों से पानी उड़ेलने लगे हैं। इस बार भी दुकानदार हर्बल,खुशबूदार तथा थ्रीडी गुलाल को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। साथ ही शहरवासियों का रुझान भी आर्गेनिक कलर और शुद्ध गुलाल की ओर ज्यादा है। होली 24 मार्च और धुलंडी 25 मार्च को है। थाली को उलटा करते ही पानी की बौछार, छोटा भीम,तीर वाली पिचकारी और कालिया की जोड़ी धमाल मचाएगी।

इसके अलावा इस भी सिलेण्डर वाला लोगों को खूब भा रहा है। जिसे दबाते हुए खुशबूदार गुलाब निकलता है। मोदी की जादू भरी पिचकारी करेगी रंगों की बौछार, मगरमच्छ भी मुंह से निकालेगा रंग-गुलाब। कुछ इस तरह की पिचकारियां बाजार में आई हैं। बच्चों के पसंदीदा पानी टैंक और बन्दूक(गन) वाली पिचकारी भी बाजारों में देखी जा रही है। इस बार भी लोगों को रंगों के त्योहार होली के लिए ऑर्गेनिक कलर और शुद्ध गुलाल आए हैं। इससे त्वचा पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा।

दुकानदार सुनील कुमार साहू ने बताया कि होली पर्व के लिए बाजारों में विभिन्न प्रकार की पिचकारी, रंग-अबीर, टोपी आदि की बिक्री शुरू हो गई है। इस साल होली पर्व पर पिचकारी का दाम गत वर्ष की अपेक्षा अधिक है। बाजार में मोटू-पतलू, पोकेमान, डोरेमन, स्पाइडर मैन, बैडमैन, अग्गी आदि नामों से पिचकारी बिक रही है। इसके अलावा दवा छिड़कने वाली स्प्रे मशीन की शक्ल में पिचकारी बच्चों के आकर्षण का केन्द्र बनी है।

कई राजनेताओं की तस्वीर लगी पिचकारी भी बाजारों में उपलब्ध है। इस बार बुलडोजर, वाटर टैंक, वजूबा, स्पाइडर मैन की पिचकारियां बच्चों को खूब पसंद आ रही हैं। इसके अलावा डरावने मुखौटे भी दुकानों पर सजे है। बाजार में होली खेलने को लेकर टोपी, टी-शर्ट, पगड़ी, कुर्ता पायजामा समेत अन्य वस्तुएं भी बहुतायत में उपलब्ध है। हर्बल रंग व गुलाल को लोग पसंद कर रहे है। बाजार में रंग व गुलाल के पैकेट 10 से 50 रुपये तक बिक रहा है।

दुकानदार नवरतन जैन ने बताया कि रंगों का पर्व होली 24 व धूलंडी 25 मार्च को है। बाजारों में दुकानें सज गई हैं। लोगों ने पापड़, चिप्स, मैदा, रिफाइन आदि की खरीददारी शुरू कर दी हैं। घरों में भी महिलाएं आलू व साबूदाना के पापड़ व चिप्स बनाने लगी हैं। दुकानदरों के अनुसार इस साल चुनाव के चलते सामानों के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

बाजार में बढ़ रही चहल पहल से अब दुकानों में बढ़ी रौनक बाजार में बढ़ रही चहल पहल से अब दुकानों में रौनक बढ़ रही है। वही बच्चों में रंग बिरंगी पिचकारी खरीदने को लेकर उत्साह बना हुआ है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बाजार में अधिक रौनक है। दुकानदार रौनक का कहना है कि पिछली बार और सप्ताह के मुताबिक बाजार ढीली थी। लेकिन इस बार बाजार में तेजी की उम्मीद है। होली आपसी रंजिशों को भूल कर दिल से दिल मिलाने का त्योहार है। जाति धर्म के भेद एवं संप्रदाय की सोच से ऊपर उठकर यह त्योहार हमें आपसी भाईचारे बनाए रखने का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोग गिले-शिकवे को भूल कर, एक दूसरे को गले लगाकर इस पर्व को मनाते हैं। इसलिए इस पर्व को हिंदुओं का महान पर्व भी कहा जाता है।

मुखौटा और पिचकारी बच्चों की पहली पसंद

बाजारों में 30 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की पिचकारी और 60 रुपए की टोपी और 50 रुपए में मुखौटा खरीदारी ज्यादा लोग कर रहे हैं। भूत प्रेत, जानवरों सहित विभिन्न तरह के हैरतअंगेज करने वालों के मुखौटे बिक रहे हैं।

चंग की थाप रात के बजाय अब दिन भी सुनाई दे रही

रंगीले राजस्थान की होली का अनोखा अंदाज और इसकी परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं, रंगों के त्यौहार इस राजधानी में अब फाग के रंगों के साथ होली की गैर निकलनी शुरू हो गई है। रंगों के त्योहार के नजदीक आते ही शहर में होली की रंगत परवान चढ़ने लगी है। चंग की थाप रात के बजाय अब दिन भी सुनाई दे रही है। चंग व झींझा बजाते हुए कर्णप्रिय फागण गीत गा रहे हैं। राजधानी में कुछ लोग मारवाड़ी वेशभूषा पहनकर बाजार में जब कुछ टोलिया चंग की थाप के साथ गाने लगी हैं। तब देखने व सुनने वाले लोग भी रोमांचित हुए बिना नहीं रहते। इन दिनों जयपुर के मंदिरों सहित कई क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यक्रम हो रहे हैं।

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