जयपुर। एशिया की अग्रणी हॉस्पिटल प्लानिंग, डिजाइन और मैनेजमेंट कंसल्टेंसी होसमैक ने 28 मार्च 2026 को जयपुर के मैरियट होटल में अपने प्रमुख ‘थॉट लीडरशिप समिट (टीएलएस)’ के 7वें संस्करण का सफल आयोजन किया। इस वर्ष आयोजित समिट में लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें अस्पताल संचालक, सीएक्सओ, नीति निर्माता, हेल्थकेयर ऑपरेटर्स और उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। कार्यक्रम का विषय “इमर्जिंग हेल्थकेयर मॉडल्स: इंडिया एंड बियॉन्ड” रहा।
स्थापना के बाद से यह समिट भारत के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान-साझा मंच के रूप में विकसित हुआ है। वर्ष 2026 के संस्करण में हेल्थकेयर डिलीवरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनेजमेंट के बदलते स्वरूप पर चर्चा की गई, जिसमें स्केलेबल, प्रभावी और भविष्य के लिए तैयार हेल्थकेयर मॉडल्स की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
समिट में मुख्य वक्तव्य सत्र, पैनल चर्चाएं और संवाद सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 30 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों और हितधारकों ने भाग लेकर सेक्टर की चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
पूरे दिन चली चर्चाओं में हेल्थकेयर मॉडल्स के विकास, महानगरों से बाहर विस्तार, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का अनुकूलन, पेपरलेस हॉस्पिटल सिस्टम की ओर बढ़ता रुझान, विलय एवं अधिग्रहण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
कुल 12 सत्रों और 25 वक्ताओं के माध्यम से छोटे शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, क्लिनिकल आउटसोर्सिंग मॉडल्स, अस्पतालों के मूल्यांकन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। समिट का एक प्रमुख आकर्षण कैंसर केयर पर श्वेत पत्र का विमोचन रहा, जिसने उद्योग में चल रही चर्चाओं को नई दिशा दी।
समिट की सफलता पर होसमैक के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. विवेक देसाई ने कहा, “थॉट लीडरशिप समिट एक ऐसा मंच बन चुका है जो हेल्थकेयर सेक्टर के विभिन्न पक्षों को एक साथ लाता है। इस वर्ष की चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए नवाचार आधारित और टिकाऊ हेल्थकेयर मॉडल्स आवश्यक हैं। यहां हुए विचार-विमर्श भारत में हेल्थकेयर डिलीवरी के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
इस आयोजन में फोर्टिस हेल्थकेयर, मणिपाल हॉस्पिटल्स, टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन, पारस हेल्थ, किम्स हॉस्पिटल्स, एपेक्स हॉस्पिटल्स, स्टर्लिंग एक्यूरिस डायग्नोस्टिक्स, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी और नैटहेल्थ सहित कई प्रमुख संस्थानों ने भाग लिया। इसके अलावा 15 से अधिक साझेदार संगठनों और सहयोगी संस्थाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी व्यापक बनाया।
टीएलएस 2026 के दौरान साझा किए गए ज्ञान और बने नेटवर्क भविष्य में भारत के हेल्थकेयर सिस्टम को अधिक प्रभावी, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




















