मन की शांति चाहिए तो शिव की भक्ति में रम जाइए : पंडित प्रदीप मिश्रा

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If you seek peace of mind, immerse yourself in devotion to Lord Shiva: Pandit Pradeep Mishra
If you seek peace of mind, immerse yourself in devotion to Lord Shiva: Pandit Pradeep Mishra

जयपुर। जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर चल रही श्री शिव पुराण कथा के पांचवें दिन मंगलवार को पंडित प्रदीप मिश्रा सिहोर वालों की कथा सुनने के लिए देशभर से हजारों भक्त उमड़ पड़े। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हजारों आत्मपिपासु श्रद्धालु तेरी पूजन को भगवान बना है ….कर दिया मालामाल काशीवाले ने ….काशी वाले आज तेरी याद सताए …. जैसे भजनों की स्वर लहरियों व झूमते नाचते आए।

इस मौके पर ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर,भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया व विधायक बाल मुकुंदाचार्य कथा का श्रवण कर पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री और मनोज पांडे ने ऊर्जा मंत्री नागर,पूनिया व विधायक बालमुकुंदाचार्य से आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर कथा सुनाते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा सिहोर वाले ने कहा कि मन की शांति चाहिए तो शिव की भक्ति में रम जाइए। आज के युग में हर मनुष्य के पास धन,संपदा की कोई कमी नहीं है,पर मन की शांति के अभाव में भटकाव बढ़ रहा है।

इस भटकाव के चलते आज का मनुष्य कई तरह की मानसिक व्याधियों से जूझ रहा है। भगवान शिव ने अपने भक्तों को धन,वैभव सब कुछ दे दिया पर मन की शांति खुद के पास रख ली,ऐसे में अगर किसी भक्त को मन की शांति चाहिए तो उसे भगवान शिव में अपना मन शिव की आराधना में रमाना पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा गणेश पुराण वृतांत भी सुनाए,इसके साथ ही समाज में पराया धन और पराई स्त्री के प्रति लगाव रखने वाले कलयुगी इंसानों को सावचेत करते हूुए कहा कि जो भी व्यक्ति पराया धन और पराई नारी की ओर आकर्षित होगा,उसका विनाश तय है। घर की नारी को सम्मान दाे,क्योंकि महादेव अपनी धर्म पत्नी पार्वती को अपने को ऊंचा देते है।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई परिवार इसलिए बर्वाद हो रहे हैं क्योंकि घर का एक सदस्य शराब,जुआ व अन्य व्यसनों से ग्रसित है,ऐसे व्यक्ति को नशामुक्त करने के लिए एंकातेश्वर महादेव की लाल चंदन से पूजा करके व उस चंदन वाले जल को नशा करने वाले व्यक्ति को पिला तो कुछ समय बाद वह व्यक्ति नशे से दूर हो जाएगा। कथा के दौरान भारी भीड़ के चलते पांडाल के बाहर भक्तों के लिए कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कथा श्रवण का महत्व और पुण्य सबकों समान मिलेगा। इस मौके पर पं.मिश्रा ने एकांतेश्वर व कुंदेश्वर महादेव की महिमा के बारे में भी बताया।

इस दौरान मंच से अजमेरव जयपुर सहित अन्य स्थानों से जिसमें जयपुर से कानोता की चित्रा खंडेलवाल,शास्त्री नगर की नीलू भारद्वाज व अजमेर की लक्ष्मी जांगिड़ सहित विभिन्न स्थानों से के आए पत्रों में लिखें अनुभवों को मंच के माध्यम से साझा करते हुए कथावाचक मिश्रा ने कहा कि कथा का नियमित श्रवण करने और एक लोटा जल चढ़ाने से किसी की 23 साल की बेटी जो ना चल पाती थी और ना ही बोल पाती और ना ही सुन पाती है जो ,सही हो गई। किसी भक्त की बच्चेदानी ठीक हो गई तो किसी ने परीक्षा पास कर ली और किसी की सरकारी नौकरी लग गई। आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री और मनोज पांडे ने बताया कि आज की कथा का समापन आरती से हुआ।

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