जयपुर। सिंधी समाज के संत संत गंगा राम साहिब के 133वें वरसी मेले का शुभारंभ आदर्श नगर स्थित गीता भवन में श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। मेले के प्रथम दिवस प्रातःकाल धर्म ध्वजा फहराई गई तथा घट स्थापना एवं हवन का आयोजन किया गया।
मेला संयोजक मोहन गंगवानी ने बताया कि अपराह्न 11 बजे अमरापुर दरबार की संत मंडली ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर बच्चों के जनेऊ और मुंडन संस्कार भी संपन्न हुए। बहिराणा साहब की भव्य झांकी निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
अजमेर के ललित भगत ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी, वहीं माधव धाम के गुलराज उदासी ने सत्संग एवं प्रवचन के माध्यम से संतों की वाणी का संदेश दिया। सायंकाल महिलाओं ने पारंपरिक लोकनृत्य ‘छेज’ प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नवविवाहित जोड़ों ने संत की समाधि के समक्ष पुनः फेरे लेकर सुखी वैवाहिक जीवन की अरदास की।
कटनी की सुप्रसिद्ध बालक मंडली के गोवर्धन उदासी एवं दिलीप उदासी ने भी भक्ति संगीत से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। संत गंगाराम साहिब ट्रस्ट के पदाधिकारियों—नंदलाल गंगवानी, कन्हैयालाल गंगवानी, सुखदेव रामचंदानी, अशोक गंगवानी, हेमन दास रामचंदानी और धर्मेंद्र गंगवानी—ने आयोजन में सक्रिय सेवाएं दीं।
मेले के पहले दिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और पूरे परिसर में श्रद्धा एवं उल्लास का वातावरण बना रहा।




















