जयपुर। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “एडवांसेज़ इन रिन्यूएबल एनर्जी: इमर्जिंग सिस्टम्स एंड सस्टेनेबल सॉल्यूशंस (एआरई–2026)” विषय पर आयोजित एक सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफ.डी.पी.) की शुरुआत मंगलवार से की गई।
विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग डॉ. धीरज जोशी ने कार्यक्रम की रूपरेखा तय की। एफडीपी. 27 से 31 जनवरी तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों के नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों एवं सतत इंजीनियरिंग समाधानों में ज्ञान, शोध अभिविन्यास तथा तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करना है।
एफ.डी.पी. में देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है। उद्घाटन सत्र की शुरुआत डॉ. मनोज कुमार सैन, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने सभी विशिष्ट वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में नवीकरणीय ऊर्जा अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए सतत व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. दिनेश शर्मा, एफ.डी.पी. समन्वयक ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, संरचना एवं समय-सारिणी की विस्तृत जानकारी दी। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. अहमद हम्ज़ा, अस्यूट विश्वविद्यालय, मिस्र थे।



















