यरूशलम/बेरूत। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि उनका देश लेबनान के साथ जल्द ही सीधी शांति वार्ता शुरू करेगा। उन्होंने कैबिनेट को निर्देश दिया है कि बातचीत की प्रक्रिया “जितनी जल्दी हो सके” शुरू की जाए।
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित वार्ता का मुख्य उद्देश्य लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह को निशस्त्र करना और दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित करना है।
यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार तेज बना हुआ है। हालिया झड़पों और हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट गहरा गया है।
हालांकि शांति वार्ता की घोषणा के बावजूद इज़रायल ने साफ कर दिया है कि हिज़्बुल्लाह के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और फिलहाल किसी व्यापक युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका के दबाव और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता के बीच यह कूटनीतिक पहल सामने आई है। बातचीत अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकती है और इसके लिए वॉशिंगटन को संभावित स्थान माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल होती है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित हो सकता है, हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।




















