जयपुर स्थापना दिवस समारोह :जलमहल की पाल पर सजी राजस्थानी गीतों की सुरमयी शाम

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जयपुर। जलमहल की पाल पर केसरिया बालम आओ नी पधारे म्हारे देश….जैसे राजस्थानी गीतों की जैसे ही शुरुआत हुई, दर्शकों को सभा मौजूद सैकड़ों लोगो की तालियों गड़गड़ाने लगी। मौका था जयपुर स्थापना के 297 साल पूरे होने पर जल महल की पाल पर आयोजित गौरबंद सांस्कृतिक कार्यक्रम का ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हवामहल विधायक बाल मुकुंद आचार्य रहे। गोरबंद कार्यक्रम की शुरुआत विधायक बाल मुकुंद आचार्य, महापौर कुसुम यादव और आयुक्त अरुण कुमार हसीजा ने दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान राजस्थानी कलाकारों ने कालबेलिया, घूमर, भवई, चरी नृत्य कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। वहीं, राजस्थानी गायिका सुप्रिया और दिलबर हुसैन ने हिचकी, चांद चढ़यो गिग्नार, कुंवे पर एकली जैसे गीत गाकर दर्शकों की तालियों बटोरी।

इस दौरान विधायक बाल मुकुंद आचार्य ने जयपुर स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि जयपुर की विरासत और वैभव को देखने के लिए लोग दूर दूर से आते है। ऐसे में वे अपनी फोटो में जयपुर की स्वच्छता और सुंदरता को संजो कर ले जाएं। इसके लिए हर जयपुर वासी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

महापौर कुसुम यादव ने कहा कि जयपुर स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत 18 अक्टूबर से 18 नवंबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी कड़ी में सोमवार शाम को जलमहल की पाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम गौरबंद किया गया। उन्होंने जल महल की पाल पर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर समस्त जयपुरवासी को शुभकामना देते हुए कहा कि हमें हमारे शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाना है।

इसकी शान और ऊंची हों। इसके लिए कचरा फैलाने वाले हर व्यक्ति के साथ रोको और टोका अभियान की शुरुआत करनी होगी। दीपावली का त्यौहार आ रहा है। घर घर में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। मां लक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। अन्न धन की कामना की जाएगी। ऐसे में हमें हमारे शहर को भी स्वच्छ रखना है, जिससे गुलाबी नगरी का नाम स्वच्छता में हों और इस बार हमारी रैंक नंबर आएं।

कार्यक्रम में आयुक्त अरुण कुमार हसीजा ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र सिंह यादव, हेरिटेज निगम पार्षद, निगम अधिकारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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