जयपुर। कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत बचे हुए पांच में से चार जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा करते हुए सुनील शर्मा को जयपुर शहर जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। शर्मा पिछले लोकसभा चुनाव में जयपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार थे,लेकिन उन्होंने टिकट लौटा दिया था।
वहीं नवनियुक्त जयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा है कि भाजपा की धर्म आधारित राजनीति को जवाब देने के लिए जयपुर शहर राजनीतिक भूकंप का केंद्र बनेगा और भाजपा के महल को नेस्तनाबूद करने के लिए यह भूकंप का केंद्र जयपुर से ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यहीं से भाजपा के सत्ता के महल को गिराने की शुरुआत होगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि राजस्थान की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और इस युवा वर्ग को यह समझाने की ज़रूरत है कि राष्ट्रवाद दो तरह का होता है—एक जोड़ने वाला और दूसरा तोड़ने वाला। कांग्रेस का राष्ट्रवाद गांधी, नेहरू और राहुल गांधी का राष्ट्रवाद है, जो 140 करोड़ लोगों को जोड़ने की बात करता है, जबकि भाजपा समाज को बांटने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला कर रही है। मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों, सरकारी कर्मचारियों पर दबाव और चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश है।
जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार को डबल इंजन नहीं बल्कि पर्ची सरकार बताते हुए कहा कि राजस्थान में फैसले दिल्ली से थोपे जा रहे हैं। मंत्री और विधायक हाशिये पर हैं और प्रशासनिक अधिकारी ही सरकार चला रहे हैं। जिससे राज्य की स्थिति केंद्र शासित प्रदेश जैसी बन गई है।
सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है,जबकि गरीब की थाली, रोजगार और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। जब जनता इन सवालों को उठाती है तो उसे धर्म के नाम पर उलझा दिया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले नगर निगम और निकाय चुनावों से सत्ता परिवर्तन की शुरुआत होगी। जयपुर से उठी यह लहर पूरे राजस्थान में फैलेगी और इसी के दम पर कांग्रेस राज्य में एक बार फिर सत्ता में लौटेगी।




















