जयपुर। भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने वर्ष 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे से नौकरी हासिल करने के प्रयास का बड़ा खुलासा किया है। फर्जी तायक्वांडो खेल प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर नौकरी पाने की कोशिश के मामले में एसओजी ने 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों और हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा गया। मामले में फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खेल प्रमाण पत्रों का सत्यापन भेजने की साजिश सामने आई है। जांच में पता चला कि ईमेल दुबई से बनाई गई थी और इसका उपयोग विमलेंदु कुमार झा कर रहा था। एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर उसके सहयोगी रवि शर्मा को भी पकड़ा और फर्जी ईमेल आईडी से जुड़ी सिम बरामद की।
जांच में सामने आया कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए भेजे गए ईमेल की जानकारी आरोपियों को मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने तायक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के समान दिखने वाली फर्जी ईमेल आईडी बनाकर फर्जी प्रमाण पत्र रखने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में सकारात्मक रिपोर्ट भेज दी, ताकि उन्हें खिलाड़ी कोटे से नौकरी मिल सके।
मामले की जांच डीआईजी एसओजी परिस अनिल देशमुख के निर्देशन में चल रही है और जांच की जिम्मेदारी पुलिस उप अधीक्षक बाबूलाल मुरारिया को दी गई है। एसओजी ने फलौदी, जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, नागौर और बालोतरा सहित विभिन्न जिलों में कार्रवाई कर आरोपियों को हिरासत में लेकर जयपुर लाया।
गिरफ्तार अभ्यर्थियों में बबीता जाखड़ (चूरू), ज्योतिरादित्य (भीलवाड़ा), सीमा (झुंझुनूं), कविता भींचर (सीकर), बसंती कुम्हार (जयपुर), ममता कुमारी (सवाई माधोपुर), नरेंद्र बिदियासर व मुमताज (नागौर), भंवरलाल (जालोर), कविता (जोधपुर), एकता थालोर (चूरू), योगेंद्र कुमार (हनुमानगढ़), शिवकरण (श्रीगंगानगर), मांगीलाल (बीकानेर), भलाराम (बालोतरा), भजनलाल (जालोर), सुनील पालीवाल, महेंद्र पालीवाल व दुर्गाप्रसाद (फलौदी) तथा गजानंद प्रजापत (जयपुर) शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी गजानंद प्रजापत ने अपनी पत्नी बसंती उर्फ बंटी प्रजापत के लिए दलालों को रुपये देकर फर्जी खेल प्रमाण पत्र बनवाया था। एसओजी यह भी जांच कर रही है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के लिए अभ्यर्थियों से कितनी राशि ली गई और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर से भेजा गया ईमेल किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा।
मामले में ओमप्रकाश महला (सीकर), वेदप्रकाश पालीवाल (फलौदी), योगेंद्र कुमार पीटीआई, रघुवीर चौधरी (जोधपुर) और सतीश डुल (रोहतक, हरियाणा) सहित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




















