कोटा पुलिस और कोचिंग सेंटर छात्रों का तनाव कम करने के बजाय बढ़ा रहे है मानसिक दबाव:संयुक्त अभिभावक संघ

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Kota police and coaching centers
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जयपुर/कोटा। संयुक्त अभिभावक संघ ने कहा की कोटा पुलिस ने हॉस्टल, पीजी और मेस पर छात्रों द्वारा की जाने वाली न्यू ईयर पार्टी पर रोक लगा दी है जो पूरी तरह से तुगलकी फरमान है। पुलिस के इस फरमान से यह साबित होता है की वह कोचिंग छात्रों को सुरक्षित वातावरण देने में पूरी तरह नाकाम है और कोचिंग संस्थानों के दबाव में आकर छात्रों की खुशियों से समझौता कर उन पर मानसिक दबाव बना रही है। फिर कोई घटना घट जाती है तो अभिभावकों पर आरोप लगा पल्ला झाड़ लेते है।

प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा की कोटा पुलिस और कोचिंग संचालकों अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने के लिए लगातार छात्रों और अभिभावकों पर दबाव बनाने का कार्य कर रहे है। प्रदेशभर के छात्रों में स्पष्ट देखा जा सकता है की छात्रों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव बना हुआ है, पढ़ाई के चलते बच्चे किसी भी पार्टियों में नही रहे है। ऐसे में अगर घरों से दूर रह रहे बच्चे साथ मिलकर खुशियां साझा कर पार्टी करना चाहते है तो उसमें रोक किस बात की। क्या पुलिस और कोचिंग संचालकों को छात्रों का तनाव में रहना ही पसंद है ? क्या उन्हे छात्रों की आत्महत्याएं, उजड़ते परिवार ही पसंद है ? बेहतर होगा कोटा पुलिस सुरक्षा दृष्टि को ध्यान में रखकर छात्रों पर बने दबाव को कम करने के लिए सशर्त पार्टी आयोजन की अनुमति देवे।

प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा की पुलिस के आदेशानुसार हॉस्टल, पीजी, मेस के पास शराब व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नही किया जाए किंतु पुलिस यह जानकारी भी देवे की इन संस्थानों के के आस-पास जो शराब व अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे है उनको बेचने की अनुमति किसने दी,उन्हे क्यों रोका नही जा रहा है। संयुक्त अभिभावक संघ मांग करता है की छात्रों को सशर्त पार्टी की अनुमति देवे और स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल, मेस और पीजी के आसपास शराब सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाएं।

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