कोटा पुलिस लाइन का बदला स्वरूप: नव विधान पार्क और लाइब्रेरी का लोकार्पण

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Kota Police Lines undergoes transformation: New legislative park and library inaugurated.
Kota Police Lines undergoes transformation: New legislative park and library inaugurated.

जयपुर। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने अपने कोटा दौरे के दौरान पुलिस लाइन में सामुदायिक विकास और नवाचार की मिसाल पेश की। डीजीपी ने कोटा पुलिस लाइन में नवनिर्मित नव विधान पार्क का लोकार्पण किया। इस उद्घाटन में डीजीपी ने स्वयं फीता काटने के बजाय एक प्रतिभावान युवा खिलाड़ी बिटिया देवांशी से लोकार्पण करवाकर नई पीढ़ी को प्रोत्साहित किया। कोटा एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि यह स्थान कभी कचरे के ढेर से भरा रहता था, जिसे कोटा विकास प्राधिकरण और नगर निगम के सहयोग से एक सुंदर पार्क और ओपन जिम में तब्दील कर दिया गया है।

डीजीपी ने इस पार्क में नवीन आपराधिक कानूनों संबंधित जानकारी अंकित करवाने के निर्देश दिए। डीजीपी ने यहां पर पुलिस परिवार के कुछ प्रतिभावान बच्चों को भी सम्मानित किया और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे पुलिस परिवार की शान है और इसे बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत से करियर निर्माण पर ध्यान दें। इस दौरान उन्होंने पुलिस परिवार जनों से भी संवाद किया और उनके क्षतिग्रस्त क्वार्टर की मरम्मत के लिए जल्द ही कार्रवाई करने को आश्वस्त किया।

आधुनिक लाइब्रेरी और प्रदर्शनी का उद्घाटन

पार्क के लोकार्पण के बाद डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के बौद्धिक विकास व संदर्भ के लिए आधुनिक लाइब्रेरी और प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। लाइब्रेरी का अवलोकन करते हुए उन्होंने वहां उपलब्ध डिजिटल कंटेंट और पुस्तकों की सराहना की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आइगोट प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने सुरक्षित नारी-सशक्त समाज और साइबर सतर्कता जैसे विषयों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया, जहाँ नवीन कानूनों और पुलिस की कार्यप्रणाली को ऑडियो विसुअल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया गया था।

संपर्क सभा में डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से किया संवाद

कोटा पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद किया और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। डीजीपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए डीए, एरियर और गृह किराया भत्ते से जुड़ी शिकायतों पर मौके पर मौजूद लेखाधिकारियों से जवाब तलब किया। इस दौरान उन्होंने एक पुलिसकर्मी के बच्चे के लिए कान की मशीन उपलब्ध कराने की मांग पर जानकारी ली और इसके लिए अपेक्षित राशि वेलफेयर फंड से उपलब्ध कराने को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बच्चों को अच्छी काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है।

कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए डीजीपी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आरएसी का गार्डन अब अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को 75% की विशेष छूट पर उपलब्ध होगा। उन्होंने पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी लाने और पुलिस क्वार्टर की मरम्मत हाउसिंग कॉर्पोरेशन के जरिए कराने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों की डीपीसी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।

पूरा राम ने एक स्वर में सुनाई पुलिस आचार संहिता :

सभा की शुरुआत में जब डीजीपी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से पुलिस आचार संहिता के बारे में पूछा तो प्लाटून कमांडर पूराराम ने एक स्वर में पुलिस आचार संहिता की प्रमुख बातें बता दी तो डीजीपी ने प्रसन्न होकर उन्हें नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की।

डीजीपी ने दिए थानों में महिला शौचालय निर्माण के कड़े निर्देश

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को कोटा रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में एडीजी क्राइम हवासिंह घुमरिया और डीआईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल सहित रेंज के सभी एसपी मौजूद रहे।

डीजीपी शर्मा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को रोज नई चुनौती का सामना करना होता है ऐसे में उन्हें लगातार अपने काम का रिव्यू करना चाहिए और कमियों को सुधारना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का अपराधियों में भय होना चाहिए वही आमजन के साथ उसका व्यवहार संवेदनशील हो।

जिलावार और वृत्तवार की समीक्षा

बैठक दौरान डीजीपी शर्मा ने कोटा रेंज के विभिन्न जिलों और वृत कार्यालयवार अपराधों की समीक्षा की । उन्होंने महिला अपराध, एसटी-एससी अत्याचार प्रकरण, निस्तारित व लंबित अपराधों की समीक्षा, आईटी एक्ट साइबर क्राइम प्रकरण भारतीय न्याय संहिता के प्रकरण में बनाएं गए ई साक्ष्य, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध कार्रवाई, वर्ष 2025 में निरोधात्मक कार्रवाई सहित क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थितियों की समीक्षा की और महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

हर सप्ताह मांगेंगे थाने का एक बेस्ट कार्य

बैठक के दौरान डीजीपी ने प्रोएक्टिव पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि राजस्थान पुलिस द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों को आम जनता तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने एक नई पहल की शुरुआत करते हुए निर्देश दिए कि हर थाने से साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी जाएगी कि उस सप्ताह उन्होंने कौन सा एक अच्छा काम किया है।

अपराधों में 14% की कमी, अब क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन पर फोकस

बैठक में डीआईजी राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि रेंज में प्रभावी पुलिसिंग के चलते विभिन्न प्रकृति के अपराधों में 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। डीजीपी ने इस पर संतोष जताया लेकिन साथ ही निर्देश दिए कि अपराधों के आंकड़ों में क्वालिटी नजर आनी चाहिए और जनता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। डीजीपी ने कोटा शहर में महिला सुरक्षा संबंधित सर्व करने और स्कूल कॉलेज की विद्यार्थियों को थाने की विजिट करवाने की बात कही।

समीक्षा के दौरान डीजीपी ने एनडीपीएस और साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, साइबर अपराधों पर लगाम और अनुसंधान मित्र जैसे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस जन-साझेदारी ही अपराध मुक्त समाज की कुंजी है।

दो को डीजीपी डिस्क सम्मान

बैठक दौरान बूंदी एसपी राजेंद्र सिंह मीणा और पुलिस निरीक्षक रामकिशन गोदारा को डीजीपी डिस्क सम्मान प्रदान किया गया। इसी प्रकार संपर्क सभा में पुलिस आचार संहिता को एक स्वर में सुनाने वाले प्लाटून कमांडर पूरा राम को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बुनियादी ढांचा सुधारने के निर्देश

डीजीपी ने रेंज की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया लेकिन साथ ही पुलिस थानों व पुलिस लाइंस के बुनियादी ढांचे को सुधारने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को पाबंद किया कि अगले दो माह के भीतर रेंज के हर थाने में महिला कार्मिकों के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस लाइंस में बारबार शॉप, कॉबलर शॉप और कैंटीन के स्वरूप को बाजार की अच्छी दुकानों की गुणवत्ता के समान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि हर पुलिस चौकी और थाने का साइन बोर्ड पुलिस मुख्यालय के प्रावधानों के अनुरूप ही हो।

बैठक दौरान एडीजी क्राइम डॉ. हवा सिंह घुमरिया ने अनुसंधान सुधार व कोर पुलिसिंग एरिया में ज्यादा ध्यान देने ध्यान देने की जरूरत बताई और सभी एसपी को क्राइम के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए

बैठक के अंत में डीजीपी शर्मा, एडीजी डॉ. हवा सिंह घुमरिया और डीआईजी शांतनु कुमार सिंह को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। आभार कोटा ग्रामीण एसपी ने जताया।

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